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आगरा में कोरोना: शहर में राहत...देहात में आफत, गांवों में तेजी से फैल रहा संक्रमण
Mon, 17 May 2021 12:26 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 17 May 2021 12:26 AM IST
सार
आगरा में कोरोना वायरस के नए मामले एक तरफ शहर में घट रहे हैं, दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे हैं। 15 ब्लॉक में 10 ब्लॉक सबसे संवेदनशील हैं। जिनमें बरौली अहीर सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है।
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शमसाबाद में कोरोना से बचाव कार्यों की जांच करते डीएम प्रभु एन. सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में पिछले साल 2020 में 15 अप्रैल से 15 मई तक ग्रामीण क्षेत्रों में 92 मरीज मिले थे। इस बार 445 मरीज मिले हैं। ये उन मरीजों का आंकड़ा है जिनकी आरटी-पीसीआर लैब टेस्ट हुए। इनमें लक्षणयुक्त, कोविड संदिग्ध व अन्य जांचों के मरीज शामिल नहीं हैं। इन 15 ब्लॉक में 1250 से अधिक मरीजों को कोविड की दवाएं वितरित की गई हैं।
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गांवों में 690 समितियां घर-घर जाकर संदिग्धों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक महीने में कोविड मरीजों की मौत का ब्योरा प्रशासन ने सार्वजनिक नहीं किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सरकारी आंकड़े से अधिक होने की आशंका है।
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बरौली अहीर में मिल चुके हैं 85 मरीज
बरौली अहीर ब्लॉक देहात में सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है। यहां 30 दिनों में 85 मरीजों में पुष्टि हो चुकी है। बमरौली कटारा, कुंडौल गांव में 55 से अधिक लोगों की वायरल बुखार से मौत हो चुकी है। एत्मादपुर में प्रशासन ने 41 मरीज बताए हैं। जबकि अकेले कुरगवां गांव में ही 27 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
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15 ब्लॉक में 15 अप्रैल से 15 मई तक संक्रमित
'मैं स्वयं निगरानी कर रहा'
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि बड़े ब्लॉक की मैं स्वयं निगरानी कर रहा हूं। बाकी ब्लॉक में सीडीओ, बीडीओ व एसडीएम को लगाया है। संदिग्धों की स्क्रीनिंग के लिए समितियां जा रही हैं।
'चुनाव बाद संक्रमण बढ़ा'
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए स्वास्थ केंद्रों पर उपचार के इंतजाम हैं। दूसरी लहर में संक्रमण बढ़ा है। चुनाव बाद संक्रमण के प्रसार में तेजी आई है।
| ब्लॉक | वर्ष 2021 में मिले संक्रमित | वर्ष 2020 मिले संक्रमित |
| बरौली अहीर | 85 | 12 |
| बिचपुरी | 57 | 10 |
| एत्मादपुर | 41 | 8 |
| फतेहपुर सीकरी | 29 | 7 |
| जैतपुर कलां | 37 | 5 |
| खंदौली | 25 | 6 |
| खेरागढ़ | 30 | 9 |
| सैंया | 44 | 6 |
| शमसाबाद | 27 | 8 |
| बाह | 16 | 6 |
| अकोला | 6 | 5 |
| पिनाहट | 12 | 3 |
| फतेहाबाद | 8 | 2 |
| जगनेर | 5 | 2 |
| अछनेरा | 23 | 3 |
'मैं स्वयं निगरानी कर रहा'
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि बड़े ब्लॉक की मैं स्वयं निगरानी कर रहा हूं। बाकी ब्लॉक में सीडीओ, बीडीओ व एसडीएम को लगाया है। संदिग्धों की स्क्रीनिंग के लिए समितियां जा रही हैं।
'चुनाव बाद संक्रमण बढ़ा'
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए स्वास्थ केंद्रों पर उपचार के इंतजाम हैं। दूसरी लहर में संक्रमण बढ़ा है। चुनाव बाद संक्रमण के प्रसार में तेजी आई है।
ये हैं संभावित कारण
1- पंचायत चुनाव के दौरान बाहरी लोगों का आवागमन, जनसंपर्क, चौपाल।
2- गांवों में कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी। मास्क व सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जाना।
3- कर्फ्यू के दौरान भी गांवों में सजगता और पुलिस व प्रशासन की देखभाल नहीं।
आंकड़ों से ज्यादा संक्रमित
रोहता निवासी किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि प्रशासन झूठ बोल रहा है। आंकड़े फर्जी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। स्थिति बेहद खराब है।
नहीं हो रही सबकी जांच
अकबरपुर के पूर्व प्रधान बंगाली बाबू ने कहा कि गांव में सबकी जांच नहीं कराई जा रही हैं। घर-घर चारपाइयां बिछी हैं। जांच के लिए ग्रामीणों को स्वास्थ केंद्र जाना पड़ता है।
रोज मर रहे दो-तीन लोग
बरौली अहीर की जिला पंचायत सदस्य रामरती ने कहा कि पिछले एक महीने से गांव में रोज दो-तीन लोग मर रहे हैं। बुजुर्ग सबसे ज्यादा हैं। बुखार में उनकी मौत कोरोना से हो
रही है।
1- पंचायत चुनाव के दौरान बाहरी लोगों का आवागमन, जनसंपर्क, चौपाल।
2- गांवों में कोरोना गाइड लाइन की अनदेखी। मास्क व सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जाना।
3- कर्फ्यू के दौरान भी गांवों में सजगता और पुलिस व प्रशासन की देखभाल नहीं।
आंकड़ों से ज्यादा संक्रमित
रोहता निवासी किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि प्रशासन झूठ बोल रहा है। आंकड़े फर्जी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। स्थिति बेहद खराब है।
नहीं हो रही सबकी जांच
अकबरपुर के पूर्व प्रधान बंगाली बाबू ने कहा कि गांव में सबकी जांच नहीं कराई जा रही हैं। घर-घर चारपाइयां बिछी हैं। जांच के लिए ग्रामीणों को स्वास्थ केंद्र जाना पड़ता है।
रोज मर रहे दो-तीन लोग
बरौली अहीर की जिला पंचायत सदस्य रामरती ने कहा कि पिछले एक महीने से गांव में रोज दो-तीन लोग मर रहे हैं। बुजुर्ग सबसे ज्यादा हैं। बुखार में उनकी मौत कोरोना से हो
रही है।
दिगनेर, रोहता, कोरई व नैनाना जाट में डीएम ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शनिवार सुबह सात बजे देहात में संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। शमसाबाद के दिगनेर में प्रमोद शर्मा के घर गए। परिवार का हाल पूछा। वहां बताया कि सब ठीक हैं। दवाएं मिल गई हैं। फिर रोहता, कोरई और नैनाना जाट गांव में जाकर निगरानी समितियों के कार्यों की जांच की। उनके रजिस्टर देखे, जिनमें मरीजों का ब्योरा दर्ज मिला। इस दौरान उनके साथ सीडीओ ए मनिकन्डन आदि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने शनिवार सुबह सात बजे देहात में संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। शमसाबाद के दिगनेर में प्रमोद शर्मा के घर गए। परिवार का हाल पूछा। वहां बताया कि सब ठीक हैं। दवाएं मिल गई हैं। फिर रोहता, कोरई और नैनाना जाट गांव में जाकर निगरानी समितियों के कार्यों की जांच की। उनके रजिस्टर देखे, जिनमें मरीजों का ब्योरा दर्ज मिला। इस दौरान उनके साथ सीडीओ ए मनिकन्डन आदि मौजूद रहे।