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Corona in Agra : कोरोना वायरस को हराया, अब प्लाज्मा देकर बचा रहे दूसरों की जान
Thu, 27 Aug 2020 02:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 27 Aug 2020 02:15 PM IST
सार
- एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी तक 26 ने किया प्लाज्मा दान, तीन ऐसे महादानी, जिन्होंने दो बार किया है प्लाज्मा दान
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दो बार प्लाज्मा दान करने वाले एसीएमओ डॉ. आरके सिंह और अर्जुन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में कोरोना वायरस को हराने के बाद लोग प्लाज्मा दान कर औरों की भी जान बचा रहे हैं। अभी तक ऐसे 26 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है। इनमें तीन ऐसे महादानी हैं, जिन्होंने दो-दो बार प्लाज्मा दान किया।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में इंइंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) सेंटर के निर्देश पर प्लाज्मा थेरेपी से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। अभी प्लाज्मा थेरेपी से 24 मरीजों का इलाज हो चुका है, इसमें से छह मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए हैं।
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प्लाज्मा का दान संक्रमण से ठीक होने के 14 दिन बाद महीने में दो बार किया जा सकता है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि संक्रमण से ठीक होने के 120 दिन तक मरीज प्लाज्मा दान कर सकता है। औरों की जिंदगी बचाने के लिए लोग प्लाज्मा दान कर रहे हैं, जो भी प्लाज्मा दान करना चाहता है, वह एसएन ब्लड बैंक में आ सकता है।
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'जान बचाना हमारी जिम्मेदारी'
चिकित्सक हूं और मरीजों की जान बचाना मेरी जिम्मेदारी बनती है। कोरोना जैसी महामारी में मेरे प्लाज्मा से किसी की जान बचेगी, इससे बेहतर क्या होगा। प्लामा दान करने में कोई कमजोरी नहीं आती, लोग जनहित में ऐसा करें। - डॉ. आरके सिंह, एसीएमओ
मेरे प्लाज्मा से किसी मरीज की जान बचती है, इससे बड़ा सेवा कार्य क्या होगा। चिकित्सक जब दिन-रात लगकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, तो हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि प्लाज्मा दान कर महामारी खत्म करने में सहयोग दें। - रोबिन जैन
जब मैं भर्ती था, तब मरीजों के परिजनों की चिंता को महसूस किया। ठीक होने के बाद दो बार प्लाज्मा दान कर चुका हूं। डॉक्टरों से कह भी रखा है, अगर उसके प्लाज्मा की दोबारा जरूरत पड़े तो तीसरी बार दान करने आ जाऊंगा। - अर्जुन सिंह, हलवाई की बगीची
चिकित्सक हूं और मरीजों की जान बचाना मेरी जिम्मेदारी बनती है। कोरोना जैसी महामारी में मेरे प्लाज्मा से किसी की जान बचेगी, इससे बेहतर क्या होगा। प्लामा दान करने में कोई कमजोरी नहीं आती, लोग जनहित में ऐसा करें। - डॉ. आरके सिंह, एसीएमओ
मेरे प्लाज्मा से किसी मरीज की जान बचती है, इससे बड़ा सेवा कार्य क्या होगा। चिकित्सक जब दिन-रात लगकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, तो हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि प्लाज्मा दान कर महामारी खत्म करने में सहयोग दें। - रोबिन जैन
जब मैं भर्ती था, तब मरीजों के परिजनों की चिंता को महसूस किया। ठीक होने के बाद दो बार प्लाज्मा दान कर चुका हूं। डॉक्टरों से कह भी रखा है, अगर उसके प्लाज्मा की दोबारा जरूरत पड़े तो तीसरी बार दान करने आ जाऊंगा। - अर्जुन सिंह, हलवाई की बगीची