{"_id":"5ec20923288b776eab2d7aba","slug":"corona-virus-patient-discharge-from-sn-medical-college-doctors-happy","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगराः संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर से चिकित्सक उत्साहित, अब तीन श्रेणी में बांटा उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगराः संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर से चिकित्सक उत्साहित, अब तीन श्रेणी में बांटा उपचार
Mon, 18 May 2020 09:35 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 18 May 2020 09:35 AM IST
सार
23 दिन के बच्चे से 76 साल के बुजुर्ग ठीक हुए
विज्ञापन
कोरोन वायरस से ठीक होकर एसएन से घर जाते लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के बीच इनके ठीक होने का औसत लगभग 50 फीसदी है। आगरा में 23 दिन के बच्चे से 76 साल के मरीज तक ठीक होकर घर जा चुके हैं। इससे एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक उत्साहित हैं। और बेहतर परिणाम के लिए अब से तीन श्रेणियों में बांटकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
चिकित्सकों ने एल-वन में हल्का बुखार और गले में खराश वाले मरीज, एल-टू में खांसी, जुकाम और दम फूलने की शिकायत वाले मरीज एवं एल-थ्री में कैंसर, किडनी, लिवर, मधुमेह और ब्लडप्रेशर के मरीजों को रखा जा रहा है। एल-थ्री वर्ग के मरीजों इलाज सीनियर चिकित्सक की निगरानी में हो रहा है।
ये भी पढ़ें: Lockdown 4.0: आगरा में कोई नई छूट नहीं, सख्ती और बढ़ेगी, ड्रोन से होगी निगरानी
विज्ञापन
इनके लिए डायलिसिस, आईसीयू, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी लगा है। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मरीजों के ठीक होने दर सबसे बेहतर है। तीन श्रेणियों में मरीजों को चिह्नित कर इलाज कर रहे हैं। सीनियर चिकित्सक भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
चिकित्सकों ने एल-वन में हल्का बुखार और गले में खराश वाले मरीज, एल-टू में खांसी, जुकाम और दम फूलने की शिकायत वाले मरीज एवं एल-थ्री में कैंसर, किडनी, लिवर, मधुमेह और ब्लडप्रेशर के मरीजों को रखा जा रहा है। एल-थ्री वर्ग के मरीजों इलाज सीनियर चिकित्सक की निगरानी में हो रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Lockdown 4.0: आगरा में कोई नई छूट नहीं, सख्ती और बढ़ेगी, ड्रोन से होगी निगरानी
विज्ञापन
इनके लिए डायलिसिस, आईसीयू, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी लगा है। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि मरीजों के ठीक होने दर सबसे बेहतर है। तीन श्रेणियों में मरीजों को चिह्नित कर इलाज कर रहे हैं। सीनियर चिकित्सक भी लगाए गए हैं।
150 के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे
जिला अस्पताल में 150 मरीजों के नमूने लेकर जांच को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। इसमें संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों के अलावा क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले लोगों के नमूने सबसे ज्यादा रहे। गर्भवती महिलाएं भी नमूने देने के लिए आई हैं।
इमरजेंसी में होंगे अलग-अलग रास्ते
इमरजेंसी में मरीजों के प्रवेश और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। इसके लिए कमिश्नर से भी मंजूरी मिल गई है। चिकित्सकों के लिए चैंबर भी बनेंगे। इसके साथ ही हेल्प आगरा से दो एंबुलेंस भी दान में मिलने वाली हैं, जिसका कोविड अस्पताल और इमरजेंसी में लगाया जाएगा।
जिला अस्पताल में 150 मरीजों के नमूने लेकर जांच को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। इसमें संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों के अलावा क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले लोगों के नमूने सबसे ज्यादा रहे। गर्भवती महिलाएं भी नमूने देने के लिए आई हैं।
इमरजेंसी में होंगे अलग-अलग रास्ते
इमरजेंसी में मरीजों के प्रवेश और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। इसके लिए कमिश्नर से भी मंजूरी मिल गई है। चिकित्सकों के लिए चैंबर भी बनेंगे। इसके साथ ही हेल्प आगरा से दो एंबुलेंस भी दान में मिलने वाली हैं, जिसका कोविड अस्पताल और इमरजेंसी में लगाया जाएगा।