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प्लाज्मा में एंटीबॉडी की जांच के बाद होगा कोरोना मरीज का इलाज, आईसीएमआर की नई गाइडलाइन
Sat, 25 Jul 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 25 Jul 2020 12:03 AM IST
सार
- आईसीएमआर की नई गाइड लाइन के तहत एसएन मेडिकल कॉलेज के कोरोना मरीजों के लिए दान करने वाले प्लाज्मा की नोएडा सेंटर में जांच होगी। इसके बाद गुणवत्ता के आधार पर मरीजों को डोज दी जाएगी।
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प्लाज्मा थेरेपी
- फोटो : social media
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों के प्लाज्मा में एंटीबॉडी की जांच होने के बाद ही संक्रमित मरीज को डोज दी जाएगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की नई गाइड लाइन के बाद प्लाज्मा की जांच अनिवार्य हो गई है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज को दान में मिलने वाले प्लाज्मा की जांच नोएडा स्थित सेंटर में की जाएगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में 51 साल के संक्रमित मरीज पर प्लाज्मा थेरेपी कारगर साबित हुई है। अभी एक और महिला का इसी थेरेपी से इलाज चल रहा है। चार मरीजों के इलाज के लिए कॉलेज प्रशासन ने आईसीएमआर से अनुमति मांगी है। अब इन मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी से पहले उसकी गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता की जांच करने के बाद ही दिया जाएगा। इससे मरीज में ठीक होने की प्रतिशत का आकलन किया जा सकेगा। अभी एसएन से दो लोगों के प्लाज्मा की जांच के लिए नमूना आईसीएमआर भेज दिए गए हैं।
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प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि आईसीएमआर यह जांच कर रहा है कि संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज के प्लाज्मा में एंटीबॉडीज विकसित हुई है, इसका सही आकलन आने के बाद संक्रमित मरीज के इलाज में और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
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एसएन कॉलेज के सैंपल की नोएडा में होगी जांच
प्लाज्मा दान में मिलने के बाद इसे विशेष रेफ्रीजरेटर में माइनस 80 डिग्री तापमान पर रखा जाता है। 14 दिन के अंदर इसका नमूना आइसीएमआर को भेजा जाता है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में अभी तक सात और नोएडा सेंटर में पांच लोग प्लाज्मा दान कर चुके हैं। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि देश के विभिन्न शहरों में से 462 लोगों के प्लाज्मा की जांच आइसीएमआर कर रहा है, इनकी एंटीबॉडीज की जांच पूरी होने के बाद इनकी रिपोर्ट संबंधित शहरों में भेजी जाएगी।
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