{"_id":"62fe769266dab878091d55f6","slug":"corona-investigation-is-closed-for-two-days-kasganj-news-agr5437815177","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन से बंद पड़ी है कोरोना की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन से बंद पड़ी है कोरोना की जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जिले में दो दिन से आरटीपीसीआर जांच बंद पड़ी है। प्रयोगशाला की बिजली खराब होने के कारण जांच के लिए 1242 सैंपल अटके हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के बाद भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। विभाग की इस लापरवाही से जिला में कभी खतरनाक हालात पैदा हो सकते हैं।
जिले के पड़ोसी जिले एटा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा आदि में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिले में भी कोरोना के मामले सामने आ रहें है, लेकिन जिला का स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है। जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए राजकीय बिड़ला अस्पताल में बीएसएल 2 प्रयोगशाला बनी हुई है। इस प्रयोगशाला में दो दिन पहले बिजली की लाइन में फॉल्ट हो गया।
जिसके चलते प्रयोगशाला में सैंपल की जांच नहीं हो पा रही है, लेकिन विभाग बिजली की इस लाइन को दूसरे दिन भी सही नहीं करा सका, जिससे दूसरे दिन भी सैंपलों की जांच बंद पड़ी रही। 16 अगस्त से अब तक 1242 सैंपल प्रयोगशाला में भेजे जा चुके है, लेकिन इनके परिणाम सामने नहीं आ सके हैं।
विज्ञापन
सैंपल लेने में भी बरती जा रही लापरवाही
जिले में कोरोना के सैंपल लेने में भी लापरवाही बरती जा रही है। यदि एक सप्ताह की बात की जाए तो 5283 सैंपल ही आरटीपीसीआर व एंटीजन के लिए गए हैं। जिसमें तीन लोग संक्रमित निकल चुके हैं। जबकि जिले में बड़ी संख्या में लोग सर्दी, खांसी, बुखार आदि से पीड़ित हो रहे हैं।
विज्ञापन
जिले के पड़ोसी जिले एटा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, आगरा आदि में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिले में भी कोरोना के मामले सामने आ रहें है, लेकिन जिला का स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है। जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए राजकीय बिड़ला अस्पताल में बीएसएल 2 प्रयोगशाला बनी हुई है। इस प्रयोगशाला में दो दिन पहले बिजली की लाइन में फॉल्ट हो गया।
विज्ञापन
जिसके चलते प्रयोगशाला में सैंपल की जांच नहीं हो पा रही है, लेकिन विभाग बिजली की इस लाइन को दूसरे दिन भी सही नहीं करा सका, जिससे दूसरे दिन भी सैंपलों की जांच बंद पड़ी रही। 16 अगस्त से अब तक 1242 सैंपल प्रयोगशाला में भेजे जा चुके है, लेकिन इनके परिणाम सामने नहीं आ सके हैं।
विज्ञापन
सैंपल लेने में भी बरती जा रही लापरवाही
जिले में कोरोना के सैंपल लेने में भी लापरवाही बरती जा रही है। यदि एक सप्ताह की बात की जाए तो 5283 सैंपल ही आरटीपीसीआर व एंटीजन के लिए गए हैं। जिसमें तीन लोग संक्रमित निकल चुके हैं। जबकि जिले में बड़ी संख्या में लोग सर्दी, खांसी, बुखार आदि से पीड़ित हो रहे हैं।