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UP: डीएम के आदेश से कॉन्वेंट स्कूल वालों के छूटे पसीने, सिर्फ 24 घंटे की मोहलत; न मानें तो मान्यता पर भी संकट
Sun, 14 Apr 2024 10:30 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 14 Apr 2024 10:30 PM IST
सार
किताबों के सेट व फीस में मनमानी वृद्धि के मामले में बीएसए ने नोटिस जारी किया था। अब अभिभावकों को उसके जवाब का इंतजार है।
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आगरा डीएम भानु चंद्र गोस्वामी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में किताब-कॉपी के सेट और फीस में मनमानी वृद्धि पर फंसे कॉन्वेंट स्कूलों के पास मंगलवार तक मौका है। कीमत नहीं घटाने पर शिकंजा कसेगा। मान्यता पर भी संकट खड़ा हो सकता है। बीएसए ने स्कूलों को नोटिस जारी कर रखा है। इसका जवाब नहीं मिला है। अभिभावकों को जवाब का बेसब्री से इंतजार है।
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नए सत्र में आईसीएसई, सीबीएसई व अन्य स्कूलों ने 20 से 40 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई है। जिला शुल्क नियामक समिति के बिना अनुमति मनमानी फीस की वसूली शुरू हो गई। साथ ही किताब-कॉपी के सेट पर 40 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि की गई।
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स्कूलों के गेट से कलेक्ट्रेट तक अभिभावक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अभिभावकों की इस पीड़ा को अमर उजाला ने समझा और उनकी आवाज बुलंद की। जिसका संज्ञान लेकर जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बीएसए और डीआईओएस को मनमानी पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को इसका असर भी दिखा। बिचपुरी रोड स्थित श्री चैतन्य टेक्नो विद्यालय ने कक्षा 1 से 5 तक की किताबों के सेट पर 3471 रुपये से 3696 रुपये तक घटाए हैं।
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जिलाधिकारी ने बताया कि 16 अप्रैल तक बाकी स्कूलों से जवाब मांगा है। बीएसए व डीआईओएस को निर्देश दिए हैं। मनमानी वृद्धि का अधिकार नहीं है। जिन स्कूलों की शिकायतें आई हैं उनके विरुद्ध 16 अप्रैल के बाद सख्त निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, कमला नगर निवासी सौरभ गोयल ने कहा कि मेरे तीन बच्चे खंदारी स्थित कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ते हैं। मैं 30 हजार रुपये महीना की प्राइवेट नौकरी करता हूं। स्कूल में सुनवाई नहीं हो रही। तीनों बच्चों की फीस, किताब व अन्य खर्च मिलाकर एक लाख रुपये से अधिक है। अब प्रशासन से ही राहत मिलने की उम्मीद है।