फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Contractor blacklisted for submitting fake solvency certificate for tender

फर्जीवाड़ा: एडीए में दिया फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट; तीन साल नहीं कर सकेंगीं ठेकेदारी

Sun, 06 Sep 2026 11:36 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 06 Sep 2026 11:36 AM IST
सार

आगरा विकास प्राधिकरण में एक ठेकेदार की ओर से टेंडर के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। जांच के बाद ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

विज्ञापन
Contractor blacklisted for submitting fake solvency certificate for tender
आगरा विकास प्राधिकरण का कार्यालय

विस्तार

आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र लगाकर करोड़ों के टेंडर हासिल करने की आरोपी महिला ठेकेदार की फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। भाजपा नेता की शिकायत पर प्राधिकरण ने प्रारंभिक जांच के बाद यह कार्रवाई की है।
विज्ञापन


मामला सलोनी कॉम्प्लेक्स, कलवारी स्थित प्रोपराइटर सरिता मिश्रा की फर्म मेसर्स एएस इंटरप्राइजेज से जुड़ा है। फर्म की ओर से एडीए में ठेकेदारी नवीनीकरण के लिए जिलाधिकारी की ओर से जारी हैसियत प्रमाणपत्र की जो छायाप्रति संलग्न की गई थी, उसमें वैधता तिथि 15 मई 2027 दर्शाई गई थी। सूत्रों के अनुसार इस प्रमाणपत्र के जरिये फर्म ने कई ठेके अपने नाम किए थे। हाल ही में निकले टेंडरों में भी फर्म ने कई ठेके हासिल करने के लिए आवेदन किया।
विज्ञापन


हालांकि इस बार भाजपा नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा ने फर्म के दस्तावेज फर्जी होने के संबंध में शिकायत करते हुए जांच की मांग की। शिकायत पर ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, तो कूटरचित तरीके से प्रमाणपत्र के जारी होने की मूल तिथि और उसमें दर्ज धनराशि में बड़े पैमाने पर हेरफेर पाई गई। पंजीकरण नियमावली के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियंता ने मेसर्स एएस इंटरप्राइजेज को तत्काल प्रभाव से आगामी तीन साल के लिए प्राधिकरण की सभी निविदा प्रक्रियाओं में प्रतिभाग करने से डिबार कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक साल बढ़ाई वैधता, हैसियत भी
आरोपी फर्म मालिक सरिता मिश्रा ने जो दस्तावेज एडीए में जमा किए उसमें डीएम कार्यालय का फर्जी हैसियत प्रमाणपत्र लगा दिया। इसमें जारी होने की तिथि और वैधता की तारीखों में बदलाव किया गया था। यही नहीं, असल प्रमाणपत्र में दर्ज 13.70 लाख की हैसियत को भी बढ़ाकर 18 लाख लिखकर डी की बजाय सी श्रेणी में पंजीकरण कराते हुए टेंडर के लिए आवेदन किया गया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed