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दिल्ली में आटो पर कंटेनर पलटा, मृतकों में बटेश्वर का युवक और उनका भांजा
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बाह (आगरा)। दिल्ली आईटीओ के पास शनिवार की सुबह चावल से लदा कंटेनर टेंपो के ऊपर पलट गया। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दिहाड़ी मजदूरी के लिए निकले बाह के स्याइचपुरा गांव निवासी कोमल सिंह (35) पुत्र गीताराम और उनका भांजा फिरोजाबाद के किशनदास पुरा गांव निवासी भांजा टाटा (14) पुत्र भंवर सिंह शामिल है। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिवार में मातम पसर गया है। परिजनों ने बताया कि मामा-भांजे दिहाड़ी मजदूरी के लिए निकले थे।
कोमल सिंह की मौत की खबर से मां हरिभेजी और पत्नी गंगाश्री का रो-रोकर बुरा हाल है। हरिभेजी ने बताया कि बेटा कोमल सिंह के अलावा परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। उनका सुहाग तो पहले ही उजड़ गया था। सास बहू को संभालने वाले भी अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पा रहे। गंगाश्री ने बताया कि 11 साल की बेटी रीता , 9 साल की बेटी शिवानी, 7 साल की बेटी काजल और 5 साल के बेटे प्रशांत की परवरिश किसके भरोसे होगी। उन्होंने बताया कि परिवार के भरण पोषण के लिए ही दिल्ली में मेहनत मजदूरी के लिए गए थे। परिवार की खुशियां एक झटके में छिन गई है।
किशनदास पुरा की सामंती देवी ने अपने पति भंवर सिंह की मौत के बाद अपने 14 साल के बेटे टाटा को मामा के साथ मजदूरी के लिए भेजा था। ताकि परिवार का भरण पोषण हो सके। लेकिन पति के बाद बेटा छिनने से सामंती देवी बेसुध हो गई है।
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कोमल सिंह की मौत की खबर से मां हरिभेजी और पत्नी गंगाश्री का रो-रोकर बुरा हाल है। हरिभेजी ने बताया कि बेटा कोमल सिंह के अलावा परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। उनका सुहाग तो पहले ही उजड़ गया था। सास बहू को संभालने वाले भी अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पा रहे। गंगाश्री ने बताया कि 11 साल की बेटी रीता , 9 साल की बेटी शिवानी, 7 साल की बेटी काजल और 5 साल के बेटे प्रशांत की परवरिश किसके भरोसे होगी। उन्होंने बताया कि परिवार के भरण पोषण के लिए ही दिल्ली में मेहनत मजदूरी के लिए गए थे। परिवार की खुशियां एक झटके में छिन गई है।
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किशनदास पुरा की सामंती देवी ने अपने पति भंवर सिंह की मौत के बाद अपने 14 साल के बेटे टाटा को मामा के साथ मजदूरी के लिए भेजा था। ताकि परिवार का भरण पोषण हो सके। लेकिन पति के बाद बेटा छिनने से सामंती देवी बेसुध हो गई है।
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