{"_id":"66b05769eadb76b6d50a410b","slug":"consumer-commission-s-decision-tourists-were-left-midway-now-travel-company-will-have-to-pay-amount-2024-08-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ता आयोग का फैसला: पर्यटकों को बीच रास्ते में छोड़ दिया था, अब ट्रेवल कंपनी को देनी होगी रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता आयोग का फैसला: पर्यटकों को बीच रास्ते में छोड़ दिया था, अब ट्रेवल कंपनी को देनी होगी रकम
Mon, 05 Aug 2024 10:09 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 05 Aug 2024 10:09 AM IST
सार
पर्यटकों को यात्रा पूरी कराए बिना बीच रास्ते में छोड़ने के मामले में अब ट्रेवल कंपनी को पूरी रकम चुकानी होगी। उपभोक्ता आयोग ने पर्यटकों के हक में फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
court new
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में एक परिवार ने हिमाचल व अन्य जगह घूमने के लिए ट्रैवल्स कंपनी से 55 हजार रुपये में 6 दिनों का पैकेज लिया। यात्रा के दौरान टैक्सी चालक उन्हें आधे रास्ते में छोड़कर भाग गया। उन्होंने जमा रकम 27500 रुपये व खर्च की मांग की। कंपनी ने देने से मना कर दिया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार व सदस्य अरुण कुमार ने कंपनी को 45 दिन के अंदर जमा राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश किए। साथ ही मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के 15 हजार अलग से देने होंगे।
विज्ञापन
दयालबाग के मैत्री बाग निवासी अरुण कुमार वर्मा ने वाद दायर किया। उन्होंने बताया कि कंपनी से 10 जून 2023 से 15 जून तक का टूर पैकेज लिया था। कीमत 55 हजार रुपये थी। 8 जून 2023 को ऑनलाइन माध्यम से आधी रकम 27500 रुपये अदा किए। इस दौरान कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि उनके परिवार को वह 10 जून को दिल्ली से टैक्सी से कसौल लेकर जाएंगे। वहां एक रात होटल में रुकने के बाद दिन में साइट सीन देखेंगे। 12 व 13 जून को मनाली घूमाएंगे। रात होने पर वहीं रुकना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले दिन रास्ते में टैक्सी चालक ने पेट्रोल के लिए रुपयों की मांग की। टोकने पर अभद्रता की। इसके बाद कसौल में छोड़कर भाग गया। इससे घूमने के दौरान उन्हें, पत्नी और छोटे बच्चों को परेशानी हुई। घर आने पर उन्होंने कंपनी को नोटिस भेजकर घूमने के दौरान अतिरिक्त खर्च हुए 1.26 लाख रुपये की मांग की। मगर नहीं दिए।