{"_id":"64ea3980afe25a296706fabd","slug":"constable-on-leave-died-due-to-cardiac-arrest-mainpuri-news-c-174-1-sagr1036-3303-2023-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: अवकाश पर आए सिपाही की हृदयगति रुकने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: अवकाश पर आए सिपाही की हृदयगति रुकने से मौत
Sat, 26 Aug 2023 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 26 Aug 2023 11:12 PM IST
विज्ञापन
अवकाश पर आए सिपाही की हृदयगति रुकने से मौत
कानुपर के पिलखना थाने में थी तैनाती, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
भोगांव (मैनपुरी)। तीन दिन के अवकाश पर गांव छिबकरिया आए सिपाही (आरक्षी) की हृदयगति रुकने से मौत की हो गई। वह कानपुर के पिलखना थाने में तैनात थे। इटावा में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को पैतृक गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
थाना क्षेत्र के गांव छिबकरिया निवासी प्रदीप यादव उर्फ ब्रजपाल (38) पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कानुपर के पिलखना थाने में थी। वह परिवार के साथ रह रहे थे। तीन दिन पहले ही वह अवकाश लेकर मां से मिलने गांव आए थे। शुक्रवार की शाम को अचानक सीने में तेज दर्द होने पर परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया गया। देर रात वहां इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजन में चीख पुकार मच गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की शाम शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में पैतृक गांव छिबकरिया में अंतिम संस्कार किया गया। परिजन ने बताया कि प्रदीप के तीन पुत्रियां व एक पुत्र है। आरक्षी की मौत के बाद पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
कानुपर के पिलखना थाने में थी तैनाती, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
भोगांव (मैनपुरी)। तीन दिन के अवकाश पर गांव छिबकरिया आए सिपाही (आरक्षी) की हृदयगति रुकने से मौत की हो गई। वह कानपुर के पिलखना थाने में तैनात थे। इटावा में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को पैतृक गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
थाना क्षेत्र के गांव छिबकरिया निवासी प्रदीप यादव उर्फ ब्रजपाल (38) पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कानुपर के पिलखना थाने में थी। वह परिवार के साथ रह रहे थे। तीन दिन पहले ही वह अवकाश लेकर मां से मिलने गांव आए थे। शुक्रवार की शाम को अचानक सीने में तेज दर्द होने पर परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया गया। देर रात वहां इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजन में चीख पुकार मच गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की शाम शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में पैतृक गांव छिबकरिया में अंतिम संस्कार किया गया। परिजन ने बताया कि प्रदीप के तीन पुत्रियां व एक पुत्र है। आरक्षी की मौत के बाद पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन