{"_id":"5d989ee58ebc3e93a45fd46b","slug":"congress-leader-salman-khurshid-wife-bail-plea-rejected-in-divyang-equipment-scam","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी को नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी को नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
Sat, 05 Oct 2019 07:17 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Oct 2019 07:17 PM IST
विज्ञापन
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिव्यांग उपकरण घोटाले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद एवं अतहर फारुखी को कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। कासगंज की जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना शर्मा ने शनिवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को भारत सरकार के सामजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय से 3 मार्च 2010 को 71.50 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रेषित की गई थी। इस धनराशि में से पांच लाख रुपये कासगंज जिले के लिए निर्धारित किए गए थे।
इस धनराशि का उपयोग करके तीन माह के भीतर उपभोग प्रमाणपत्र एवं वितरित दिव्यांग उपकरण का 10 प्रतिशत से सत्यापन कराकर उनके प्रति हस्ताक्षर सहित भारत सरकार को भेजना था। 3 जून 2010 को 25 लाभार्थियों की सूची भेज दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को भारत सरकार के सामजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय से 3 मार्च 2010 को 71.50 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रेषित की गई थी। इस धनराशि में से पांच लाख रुपये कासगंज जिले के लिए निर्धारित किए गए थे।
विज्ञापन
इस धनराशि का उपयोग करके तीन माह के भीतर उपभोग प्रमाणपत्र एवं वितरित दिव्यांग उपकरण का 10 प्रतिशत से सत्यापन कराकर उनके प्रति हस्ताक्षर सहित भारत सरकार को भेजना था। 3 जून 2010 को 25 लाभार्थियों की सूची भेज दी गई थी।
विज्ञापन
पटियाली में दर्ज कराया गया था मुकदमा
इस पर बीडीओ पटियाली के सत्यापनकर्ता के रूप में मुख्य चिकित्साधिकारी ने प्रति हस्ताक्षर किए। उपकरण वितरण के लिए 3 मई 2010 को पटियाली में कैंप दर्शाया गया। मामले की जांच में हस्ताक्षर फर्जी पाए गए जबकि कैंप लगाए जाने के कोई साक्ष्य नहीं मिले।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की ओर से ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्यूश शुक्ल व एक अज्ञात के खिलाफ पटियाली कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया। इस मामले की विवेचना में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद व अतहर फारुखी के नाम सामने आए।
इसके बाद दोनों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली। न्यायालय ने दोनों की अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश गोला ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए दलीलें दी।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की ओर से ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्यूश शुक्ल व एक अज्ञात के खिलाफ पटियाली कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया। इस मामले की विवेचना में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद व अतहर फारुखी के नाम सामने आए।
इसके बाद दोनों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली। न्यायालय ने दोनों की अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश गोला ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए दलीलें दी।