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विद्यार्थियों के बैग में सितंबर तक पहुंचेंगी पूरी किताबें
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आगरा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के बैग में पूरी पाठ्य पुस्तकें सितंबर तक पहुंच पाएगी। 14 जून को जिले से पाठ्य पुस्तकें खरीदने का आदेश संबंधित प्रकाशकों को दिया गया। अधिकतम 120 दिन में पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति करना है। 16 जून को गर्मी की छुट्टियों के बाद विद्यालय खुलेंगे। नई के बजाय फटी और पुरानी पुस्तकों से ही विद्यार्थी पढ़ेंगे।
शैक्षणिक सत्र अप्रैल से संचालित है। विभाग साढ़े तीन माह बीतने के बाद पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था नहीं कर पाया है। शासन स्तर से प्रकाशक देर से तय किए गए, जिसकी वजह से अब पुस्तकों को खरीदने का आदेश दिया गया है। हिंदी माध्यम में कक्षा एक से आठ तक कुल 57 पाठ्य पुस्तकें वितरित की जानी हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि यह निर्धारित है कि सत्र अप्रैल से शुरू होना है, बावजूद इसके विभाग समय से पुस्तकें नहीं दे पा रहा है। उम्मीद थी कि गर्मी की छुट्टियों के बाद विद्यार्थियों को नई पुस्तकें मिल जाएंगी। अभी तक पुस्तकें छप नहीं पाई हैं। सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तकें न होने से पढ़ाने में समस्या होती है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों के 2.80 विद्यार्थियों सहित राजकीय, एडेड व अन्य विद्यालयों में पंजीकृत कुल 3.22 विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकें खरीदने का आदेश 14 जून को दे दिया गया। प्रयास होगा कि अधिकतर किताबें जुलाई में ही विद्यार्थियों को मिल जाएं। - महेश चंद्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी/ मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेेसिक
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शासन स्तर से निर्देश जारी किया गया है कि प्रत्येक हिंदी माध्यम के विद्यालय में एक-एक सेट अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों का भी रखवाया जाएगा, उसी के अनुरूप किताबें खरीदने का आदेश किया गया है। कक्षा छह से आठ तक खेल एवं स्वास्थ्य शिक्षा, हमारा पर्यावरण व स्काउट गाइड शिक्षा के लिए समेकित पाठ्य पुस्तकें हैं। प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में इनकी 10-10 प्रतियां ही उपलब्ध कराई जानी हैं।
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शैक्षणिक सत्र अप्रैल से संचालित है। विभाग साढ़े तीन माह बीतने के बाद पाठ्यपुस्तकों की व्यवस्था नहीं कर पाया है। शासन स्तर से प्रकाशक देर से तय किए गए, जिसकी वजह से अब पुस्तकों को खरीदने का आदेश दिया गया है। हिंदी माध्यम में कक्षा एक से आठ तक कुल 57 पाठ्य पुस्तकें वितरित की जानी हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि यह निर्धारित है कि सत्र अप्रैल से शुरू होना है, बावजूद इसके विभाग समय से पुस्तकें नहीं दे पा रहा है। उम्मीद थी कि गर्मी की छुट्टियों के बाद विद्यार्थियों को नई पुस्तकें मिल जाएंगी। अभी तक पुस्तकें छप नहीं पाई हैं। सभी विद्यार्थियों के पास पुस्तकें न होने से पढ़ाने में समस्या होती है।
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जिले के परिषदीय विद्यालयों के 2.80 विद्यार्थियों सहित राजकीय, एडेड व अन्य विद्यालयों में पंजीकृत कुल 3.22 विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकें खरीदने का आदेश 14 जून को दे दिया गया। प्रयास होगा कि अधिकतर किताबें जुलाई में ही विद्यार्थियों को मिल जाएं। - महेश चंद्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी/ मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेेसिक
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शासन स्तर से निर्देश जारी किया गया है कि प्रत्येक हिंदी माध्यम के विद्यालय में एक-एक सेट अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों का भी रखवाया जाएगा, उसी के अनुरूप किताबें खरीदने का आदेश किया गया है। कक्षा छह से आठ तक खेल एवं स्वास्थ्य शिक्षा, हमारा पर्यावरण व स्काउट गाइड शिक्षा के लिए समेकित पाठ्य पुस्तकें हैं। प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में इनकी 10-10 प्रतियां ही उपलब्ध कराई जानी हैं।