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पांच लाख का चेक डिसऑनर में कंपनी पार्टनर तलब
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आगरा। अतिरिक्त न्यायालय संख्या दो के न्यायिक अधिकारी ने पांच लाख रुपये के चेक डिसऑनर होने के मामले में मेसर्स फिश फॉर्च्यून प्रोडयूस कंपनी, सेक्टर 15, गुरुग्राम, हरियाणा के पार्टनर विजेंद्र कुमार और प्रतिनिधि विनय शर्मा को 24 नवंबर को तलब किया है।
कोर्ट ने यह आदेश डिफेंस ग्रीन कॉलोनी, सदर निवासी निशा भारती की ओर से प्रस्तुत मुकदमे में पारित किए। मुकदमे के मुताबिक, 12 अगस्त 2020 को आरोपियों से अनुबंध किया था। इसकी शर्तों के अनुसार, उन्होंने 5.50 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराए थे। उन्होंने आरोपियों को मछली पालन को तालाब बनाने के लिए फर्रुखाबाद में लीज पर जमीन दी थी। कंपनी ने क्षति होने की दशा की जिम्मेदारी खुद ली थी। पांच लाख रुपये का पोस्टडेटेट चेक दिया था। तीन महीने तक अदायगी में चूक होने पर चेक से भुगतान लेने का अधिकार था।
जमीन पर तालाब तैयार करा पानी भरने और उसके चारों ओर बल्लियां लगा जाल लगाने पर भी कंपनी ने मछली के बीजों का प्रबंध नहीं किया। इससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई। बैंक में लगाने पर चेक डिसऑनर हो गया। पीड़िता ने अपने अधिवक्ता मनोज चतुर्वेदी और निखिल कुमार चतुर्वेदी के माध्यम से अदालत में मुकदमा प्रस्तुत करने पर न्यायिक अधिकारी ने कंपनी के पार्टनर एवं प्रतिनिधि को मुकदमे के विचारण के लिए तलब करने के आदेश किए।
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कोर्ट ने यह आदेश डिफेंस ग्रीन कॉलोनी, सदर निवासी निशा भारती की ओर से प्रस्तुत मुकदमे में पारित किए। मुकदमे के मुताबिक, 12 अगस्त 2020 को आरोपियों से अनुबंध किया था। इसकी शर्तों के अनुसार, उन्होंने 5.50 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराए थे। उन्होंने आरोपियों को मछली पालन को तालाब बनाने के लिए फर्रुखाबाद में लीज पर जमीन दी थी। कंपनी ने क्षति होने की दशा की जिम्मेदारी खुद ली थी। पांच लाख रुपये का पोस्टडेटेट चेक दिया था। तीन महीने तक अदायगी में चूक होने पर चेक से भुगतान लेने का अधिकार था।
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जमीन पर तालाब तैयार करा पानी भरने और उसके चारों ओर बल्लियां लगा जाल लगाने पर भी कंपनी ने मछली के बीजों का प्रबंध नहीं किया। इससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई। बैंक में लगाने पर चेक डिसऑनर हो गया। पीड़िता ने अपने अधिवक्ता मनोज चतुर्वेदी और निखिल कुमार चतुर्वेदी के माध्यम से अदालत में मुकदमा प्रस्तुत करने पर न्यायिक अधिकारी ने कंपनी के पार्टनर एवं प्रतिनिधि को मुकदमे के विचारण के लिए तलब करने के आदेश किए।
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