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कोख के सौदागर: गर्भधारण में आईवीएफ तकनीक अपनाता था गैंग, अंडाणु खरीदती थी आरोपी नीलम
Thu, 25 Jun 2020 11:41 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 25 Jun 2020 11:41 AM IST
सार
- पांच साल से सरोगेसी करा रही नीलम
- 100 महिलाएं संपर्क में
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new born baby
- फोटो : pexels.com
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विस्तार
कोख की सौदागर फरीदाबाद की नीलम के संपर्क में 100 से अधिक महिलाएं हैं। इन्हें नीलम सरोगेसी कराने से लेकर अपने अंडाणु बेचने के लिए तैयार करती थी। इसके लिए 20 हजार से 40 हजार तक देती है। पुरुषों के शुक्राणु लेने के बाद आईवीएफ तकनीकी (इन-विट्रो निषेचन) से गर्भधारण कराया जाता है। इसमें एक हॉस्प्टिल की संलिप्तता भी है। पुलिस अब हॉस्पिटल के बारे में पता करने में लगी हुई है।
शुक्रवार दोपहर को फतेहाबाद पुलिस ने लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल पर दो गाड़ियों में दो महिलाओं और तीन युवकों को पकड़ा था। उनसे तीन नवजात बच्चियां भी मिली थीं। इनमें नई दिल्ली निवासी अमित, राहुल, फरीदाबाद निवासी रूबी, प्रदीप कुमार और नीलम थे।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा था। एसपीआरए प्रमोद कुमार ने एक टीम को फरीदाबाद भेजा है। टीम के एसआई जितेंद्र गौतम सुराग तलाशने में लगे हैं।
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शुक्रवार दोपहर को फतेहाबाद पुलिस ने लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल पर दो गाड़ियों में दो महिलाओं और तीन युवकों को पकड़ा था। उनसे तीन नवजात बच्चियां भी मिली थीं। इनमें नई दिल्ली निवासी अमित, राहुल, फरीदाबाद निवासी रूबी, प्रदीप कुमार और नीलम थे।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा था। एसपीआरए प्रमोद कुमार ने एक टीम को फरीदाबाद भेजा है। टीम के एसआई जितेंद्र गौतम सुराग तलाशने में लगे हैं।
बुधवार को पुलिस टीम नीलम के घर फरीदाबाद के धीरज नगर पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि नीलम के घर पर ताला लगा हुआ था। घर के पास ही एक खाली प्लाट है। इसमें जली हुई दवाइयां, बच्चों की दवाएं सहित दस्तावेज जलने की पुष्टि हुई। आशंका है कि पुलिस के आने से पहले ही नीलम का परिवार भाग गया। उन्होंने सारे दस्तावेज और दवाओं को जला दिया, जो कि महिला और पुरुषों के प्रयोग में लाई जाती थीं।
नीलम के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को बताया कि नीलम तकरीबन पांच साल से यह धंधा कर रही है। इससे पहले वह एक हास्पिटल में नर्स का काम करती थी। चिकित्सकों के साथ ही प्रसव कराती थी। इससे उसे बच्चों की डिलीवरी कराने के बारे में जानकारी हुई।
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उसने नौकरी छोड़ने के बाद सरोगेसी का धंधा शुरू कर दिया। उसके घर पर महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। पति से अलग रहने वाली और पति की मौत के बाद अकेले जीवन यापन करने वाली महिलाएं ही उससे संपर्क करती थीं। कुछ महिलाएं सरोगेसी कराती है तो कुछ अंडाणु बेचती हैं।
नीलम के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को बताया कि नीलम तकरीबन पांच साल से यह धंधा कर रही है। इससे पहले वह एक हास्पिटल में नर्स का काम करती थी। चिकित्सकों के साथ ही प्रसव कराती थी। इससे उसे बच्चों की डिलीवरी कराने के बारे में जानकारी हुई।
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उसने नौकरी छोड़ने के बाद सरोगेसी का धंधा शुरू कर दिया। उसके घर पर महिलाओं का आना जाना लगा रहता है। पति से अलग रहने वाली और पति की मौत के बाद अकेले जीवन यापन करने वाली महिलाएं ही उससे संपर्क करती थीं। कुछ महिलाएं सरोगेसी कराती है तो कुछ अंडाणु बेचती हैं।
बागपत का प्रदीप भी गिरोह में
पुलिस ने फतेहाबाद टोल पर नीलम के साथ ही प्रदीप को पकड़ा था। विवेचना में पता चला कि नीलम और प्रदीप साथ ही रहते हैं। वह उसे अपना भाई बताती है। फरीदाबाद के धीरज नगर में उसकी एक बहन और रहती है। वह भी फरार है।
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प्रदीप मूलरूप से बागपत का रहने वाला है, जबकि नीलम भी आसपास के जिले की है। नीलम ने पुलिस के गिरफ्तार करने पर इस पते की जानकारी नहीं दी थी। नीलम का पति साथ में नहीं रहता है।
पुलिस ने फतेहाबाद टोल पर नीलम के साथ ही प्रदीप को पकड़ा था। विवेचना में पता चला कि नीलम और प्रदीप साथ ही रहते हैं। वह उसे अपना भाई बताती है। फरीदाबाद के धीरज नगर में उसकी एक बहन और रहती है। वह भी फरार है।
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प्रदीप मूलरूप से बागपत का रहने वाला है, जबकि नीलम भी आसपास के जिले की है। नीलम ने पुलिस के गिरफ्तार करने पर इस पते की जानकारी नहीं दी थी। नीलम का पति साथ में नहीं रहता है।
40 हजार नहीं देने पर नीलम से हुआ था झगड़ा
पुलिस की पूछताछ में पड़ोसी महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो गई है। वह किसी तरह गुजर बसर कर रही है। नीलम ने उसे रुपयों का लालच देकर दो बार अंडाणु खरीदे थे। वर्ष 2015 में 20 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद पिछले साल भी अंडाणु खरीदे।
उसने 40 हजार रुपये देने का वादा किया था। इसके लिए एक हॉस्पिटल में लेकर गई थी। अंडाणु लेने के बाद रकम नहीं दी। इस बात पर उसका झगड़ा हो गया था। महिला ने नीलम की शिकायत पुलिस से की थी। मगर, अंडाणु बेचने का आरोप नहीं लगाया था। लेन-देन में झगड़े की बात कही थी। बाद में महिला ने नीलम के परिचित प्रदीप पर अपनी 15 साल की बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डॉक्टरनी के नाम से जानते हैं लोग
पूछताछ में पता चला कि धीरज नगर के लोग नीलम को डॉक्टरनी के नाम से जानते हैं। वह लोगों से संपर्क करती थी। वह घरों में दाई का काम करती थी। जरूरत पड़ने पर महिलाएं उससे प्रसव कराती थी। इस कारण लोग उसे डॉक्टरनी के नाम से जानते हैं। उसकी हरकतों के बारे में सभी को पता है, लेकिन कोई मुंह नहीं खोलना चाहता है।
पुलिस की पूछताछ में पड़ोसी महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो गई है। वह किसी तरह गुजर बसर कर रही है। नीलम ने उसे रुपयों का लालच देकर दो बार अंडाणु खरीदे थे। वर्ष 2015 में 20 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद पिछले साल भी अंडाणु खरीदे।
उसने 40 हजार रुपये देने का वादा किया था। इसके लिए एक हॉस्पिटल में लेकर गई थी। अंडाणु लेने के बाद रकम नहीं दी। इस बात पर उसका झगड़ा हो गया था। महिला ने नीलम की शिकायत पुलिस से की थी। मगर, अंडाणु बेचने का आरोप नहीं लगाया था। लेन-देन में झगड़े की बात कही थी। बाद में महिला ने नीलम के परिचित प्रदीप पर अपनी 15 साल की बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डॉक्टरनी के नाम से जानते हैं लोग
पूछताछ में पता चला कि धीरज नगर के लोग नीलम को डॉक्टरनी के नाम से जानते हैं। वह लोगों से संपर्क करती थी। वह घरों में दाई का काम करती थी। जरूरत पड़ने पर महिलाएं उससे प्रसव कराती थी। इस कारण लोग उसे डॉक्टरनी के नाम से जानते हैं। उसकी हरकतों के बारे में सभी को पता है, लेकिन कोई मुंह नहीं खोलना चाहता है।