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Agra University: पेनल्टी और वेब रजिस्ट्रेशन को लेकर कॉलेज संचालक नाराज, दीक्षांत समारोह के बहिष्कार का एलान
Sat, 13 Jun 2026 10:06 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 13 Jun 2026 10:06 AM IST
सार
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए पेनल्टी नीति और वेब रजिस्ट्रेशन शुल्क का विरोध किया है। संगठन ने समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने और दीक्षांत समारोह के बहिष्कार का एलान किया है।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की पेनल्टी नीति और वेब रजिस्ट्रेशन व्यवस्था पर सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए आंदोलन और दीक्षांत समारोह के बहिष्कार का एलान किया है।
संगठन के मुनेंद्र जादौन के नेतृत्व में कॉलेज संचालकों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति और कुलसचिव से मुलाकात कर संबद्ध महाविद्यालयों की समस्याएं उठाई थीं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अस्थायी मान्यता वाले पाठ्यक्रमों पर लगाई गई 25 हजार रुपये की पेनल्टी को स्नातकोत्तर स्तर पर समाप्त करने और स्नातक स्तर पर इसे घटाकर 15 हजार रुपये प्रति विषय करने का आश्वासन दिया था। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए नियम लागू कर दिए, जिससे सहमति और आश्वासन का उल्लंघन हुआ है।
उन्होंने इसे कॉलेज संचालकों के साथ धोखा बताया। संगठन ने वेब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से वेब रजिस्ट्रेशन शुल्क 400 रुपये लिया जा रहा है जबकि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में यह शुल्क काफी कम है। इसके अलावा बड़ी संख्या में महाविद्यालयों के वेब रजिस्ट्रेशन नहीं खोले गए हैं, जिससे प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और निजी विश्वविद्यालयों को लाभ मिल रहा है।
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संगठन का कहना है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो मामला राज्यपाल, उच्च शिक्षा मंत्री और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रमोद तोमर, मुकेश शर्मा, आशीष शर्मा, मनोज परिहार, सुबोध कुमार सिंह सहित कई महाविद्यालय संचालक शामिल रहे।
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संगठन के मुनेंद्र जादौन के नेतृत्व में कॉलेज संचालकों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति और कुलसचिव से मुलाकात कर संबद्ध महाविद्यालयों की समस्याएं उठाई थीं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अस्थायी मान्यता वाले पाठ्यक्रमों पर लगाई गई 25 हजार रुपये की पेनल्टी को स्नातकोत्तर स्तर पर समाप्त करने और स्नातक स्तर पर इसे घटाकर 15 हजार रुपये प्रति विषय करने का आश्वासन दिया था। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए नियम लागू कर दिए, जिससे सहमति और आश्वासन का उल्लंघन हुआ है।
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उन्होंने इसे कॉलेज संचालकों के साथ धोखा बताया। संगठन ने वेब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से वेब रजिस्ट्रेशन शुल्क 400 रुपये लिया जा रहा है जबकि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में यह शुल्क काफी कम है। इसके अलावा बड़ी संख्या में महाविद्यालयों के वेब रजिस्ट्रेशन नहीं खोले गए हैं, जिससे प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और निजी विश्वविद्यालयों को लाभ मिल रहा है।
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संगठन का कहना है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो मामला राज्यपाल, उच्च शिक्षा मंत्री और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रमोद तोमर, मुकेश शर्मा, आशीष शर्मा, मनोज परिहार, सुबोध कुमार सिंह सहित कई महाविद्यालय संचालक शामिल रहे।