सफल रहा अमर उजाला अभियान: मुख्यमंत्री ने कासगंज के सोरोंजी को तीर्थस्थल घोषित किया, ये होंगे लाभ
सोरोंजी अब तीर्थनगरी सोरोंजी हो गई। लोगों की सालों से चली आ रही मांग पूरी हुई। यहां हरि की पौड़ी, सूर्यकुंड, भगीरथी गुफा पौराणिक महत्व के स्थल हैं वहीं मां गंगा भी लोगों की आस्था का केंद्र है। अब तीर्थस्थल घोषित होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र का विकास होगा और पर्यटन को पंख लगेंगे।
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जनता से जुड़े जन सरोकार के और जनभावनाओं के मुद्दों को लेकर अमर उजाला सदैव तत्पर रहकर जनभावनाओं को शासन प्रशासन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना रहा है। सोरोंजी सूकरक्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित किए जाने की मांग को लेकर लगातार अभियान चलाया गया। जन-जन इस अभियान का सहभागी बना। परिणाम स्वरूप प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सूकरक्षेत्र सोरोंजी को तीर्थस्थल के रूप में घोषित करने का निर्णय ले लिया है।
मुख्यमंत्री का यह निर्णय ट्विटर के माध्यम से सीएम ऑफिस से ट्वीट किया गया। तीर्थनगरी के वाशिंदों को जब सीएम के सोरोंजी को तीर्थस्थल घोषित करने के निर्णय की जानकारी हुई तो हर्ष का माहौल बन गया। लोग भी मुख्यमंत्री योगी का आभार जताते नजर आए और उनके प्रति कृतज्ञ थे। अमर उजाला के अभियान की भी लोागों ने मुख्यकंठ से प्रशंसा की।
अमर उजाला के अभियान की सराहनासूकरक्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा के संयोजक भूपेश शर्मा ने अमर उजाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सोरोंजी की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस पौराणिक स्थल को तीर्थस्थल घोषित करने का सराहनीय निर्णय लिया है। इसके लिए सोरोंजी क्षेत्र की जनता उनकी आभारी है। साहित्यकार डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय की सराहना की।
उन्होंने कहा कि अमर उजाला ने वर्ष 2018 में भी पूरा अभियान चलाया। उस समय मुख्यमंत्री ने सोरों के विकास का ऐलान किया। अब ट्विटर के माध्यम से तीर्थस्थल घोषित करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने भी निर्णय को सराहा और कहा कि अमर उजाला ने इस अभियान को आगे बढ़ाया। जनभावनाओं का सम्मान किया। अब मुख्यमंत्री ने सूकरक्षेत्र सोरोंजी को तीर्थस्थल घोषित करने का निर्णय लिया है जो सराहनीय है।
यह होगा लाभ
- ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सकेगा।
- महत्वपूर्ण प्राचीन धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार होगा।
- पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
- हर की पौड़ी के घाट आदि का विकास होगा।
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