कासगंज: राष्ट्रपति तक पहुंची सोरोंजी को तीर्थस्थल बनाने की गुहार, राष्ट्रीय युवा शक्ति ने भेजा ज्ञापन
सोरों के लोग कई वर्षों से तीर्थस्थल की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी इसका कोई संज्ञान नहीं लिया है। राष्ट्रीय युवा शक्ति ने अब अपनी मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
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कासगंज के सोरों को तीर्थनगरी का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलनकारी हर स्तर पर प्रयासरत हैं। अब राष्ट्रीय युवा शक्ति के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। ट्वीट भी किया है और दूरभाष पर राष्ट्रपति के विशेष कार्याधिकारी से बातचीत की है। पदाधिकारियों के मुताबिक विशेष कार्याधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजे ज्ञापन और ट्वीट में सोरोंजी के जनमानस की मांग को रखते हुए राष्ट्रीय युवा शक्ति प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि सूकरक्षेत्र अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। यहां जन सुविधाओं का अभाव है। विकास अवरुद्ध है और सरकार लगातार सोरोंजी की उपेक्षा कर रही है। जिससे यहां के जनमानस में आक्रोश है।
यहां के लोग वर्षों से कर रहे आंदोलन
प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि यहां के लोग वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी इसका कोई संज्ञान नहीं लिया है। राष्ट्रपति से मांग की गई है कि सोरोंजी के अंतरराष्ट्रीय महत्व एवं गौरवशाली इतिहास को देखते हुए अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर राज्य सरकार को निर्देशित करें जिससे सूकरक्षेत्र सोरों को तीर्थ स्थलों की सूची में शामिल किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो सके।
उन्होंने कहा कि सूकरक्षेत्र सोरोंजी को तीर्थस्थलों की सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सफलता मिलने तक जारी रहेगा। बता दें कि सोरोंजी सूकरक्षेत्र अत्यंत प्राचीन स्थल है। यहां भगवान वराह ने सतयुग में अवतार लिया था, लेकिन यह तीर्थस्थल पूरी तरह से उपेक्षित है।
14 अक्तूबर को जन संसद, 15 को होगा क्रमिक अनशन
राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि 14 अक्टूबर को जन संसद का आयोजन होगा और फिर 15 अक्टूबर से सूकरक्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा के तत्वावधान में क्रमिक अनशन लगातार जारी रहेगा।