{"_id":"598f37714f1c1b87458b4976","slug":"closed-gate-of-tajmahal-give-way-to-rumors","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ताजमहल मकबरा या मंदिरः पांच दशक से बंद तहखानों ने गहराया रहस्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहल मकबरा या मंदिरः पांच दशक से बंद तहखानों ने गहराया रहस्य
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 13 Aug 2017 02:59 PM IST
विज्ञापन
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल पर मंदिर या मकबरे का विवाद सूचना आयोग के सवाल पर फिर उठा तो है, लेकिन इन सवालों को ताज की देखरेख करने वाले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के कदमों ने बढ़ावा दिया है। एएसआई ने ताजमहल पर उन सभी दरवाजों को बंद कर दिया, जो इसके तहखाने में थे।
यहां तक कि यमुना किनारे उत्तर दिशा के जिन दरवाजों से कभी शहंशाह शाहजहां ताज में प्रवेश करते थे, उन्हें भी दीवार लगाकर बंद कर दिया। ताजमहल के इन्हीं बंद दरवाजों ने मंदिर, मकबरे के रहस्य को और गहरा दिया है।
पांच दशक पहले 1960 तक ताजमहल के उत्तरी दरवाजे लकड़ी के थे और खुलते थे, लेकिन प्रो. पीएन ओक की किताब प्रकाशित होने के बाद एएसआई ने न केवल उत्तरी दिशा के दोनों दरवाजों को दीवार से बंद करा दिया, वहीं तहखानों के लिए मुख्य गुंबद के चमेली फर्श की दोनों ओर की सीढ़ियों के दरवाजे भी बंद करा दिए।
विज्ञापन
बाद में उनके ऊपर लोहे का जाल लगवा दिया गया। गुंबद के नीचे तहखाने के 22 कमरों और उनके बीच बने 33 फुट के गलियारों को उसी दौरान ककै या ईंटों की दीवार लगाकर बंद करा दिया गया। ताजमहल में शाहजहां मुमताज की असली कब्रों वाला कमरा पहले ही बंद कर दिया गया है और यह केवल उर्स में तीन दिन ही खोला जाता है।
विज्ञापन
यहां तक कि यमुना किनारे उत्तर दिशा के जिन दरवाजों से कभी शहंशाह शाहजहां ताज में प्रवेश करते थे, उन्हें भी दीवार लगाकर बंद कर दिया। ताजमहल के इन्हीं बंद दरवाजों ने मंदिर, मकबरे के रहस्य को और गहरा दिया है।
विज्ञापन
पांच दशक पहले 1960 तक ताजमहल के उत्तरी दरवाजे लकड़ी के थे और खुलते थे, लेकिन प्रो. पीएन ओक की किताब प्रकाशित होने के बाद एएसआई ने न केवल उत्तरी दिशा के दोनों दरवाजों को दीवार से बंद करा दिया, वहीं तहखानों के लिए मुख्य गुंबद के चमेली फर्श की दोनों ओर की सीढ़ियों के दरवाजे भी बंद करा दिए।
विज्ञापन
बाद में उनके ऊपर लोहे का जाल लगवा दिया गया। गुंबद के नीचे तहखाने के 22 कमरों और उनके बीच बने 33 फुट के गलियारों को उसी दौरान ककै या ईंटों की दीवार लगाकर बंद करा दिया गया। ताजमहल में शाहजहां मुमताज की असली कब्रों वाला कमरा पहले ही बंद कर दिया गया है और यह केवल उर्स में तीन दिन ही खोला जाता है।
सुरक्षा के मद्देनजर किया बंद
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एएसआई के पूर्व निदेशक पीवीएस सेंगर का कहना है कि ताजमहल में किसी मंदिर होने के सबूत कभी नहीं मिले। ताज के तहखानों को सुरक्षा के मद्देनजर बंद किया गया था। कुछ साल पहले तक यह खुला था, लेकिन बाद में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों के कारण गेट बंद किए गए।
एएसआई पूर्व निदेशक केके मोहम्मद के अनुसार ताजमहल पर कभी भी कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जो इसके मंदिर होने का समर्थन करता हो। एएसआई क्या सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले को खारिज कर चुका है। न ये मंदिर है न कुछ और, यह केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, इसे उसी नजर से देखना चाहिए।
एएसआई पूर्व निदेशक केके मोहम्मद के अनुसार ताजमहल पर कभी भी कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जो इसके मंदिर होने का समर्थन करता हो। एएसआई क्या सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले को खारिज कर चुका है। न ये मंदिर है न कुछ और, यह केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, इसे उसी नजर से देखना चाहिए।
अयोध्या में मंदिर के सबूत, लेकिन ताज के नहीं
अयोध्या में दो बार पुरातत्व सर्वेक्षण के उत्खनन में एएसआई टीम का हिस्सा रहे एक रिटायर्ड अधिकारी के मुताबिक वहां मंदिर के सबूत स्पष्ट मिले, लेकिन ताजमहल में ऐसा कभी नहीं हुआ। ताज के तहखानों में केवल कमरे और गलियारा है। कोई मूर्ति या कोई अन्य सबूत नहीं मिला, जिनका जिक्र उठता रहा है।
कोई भी व्यक्ति एएसआई से अनुमति लेकर तहखानों का निरीक्षण कर सकता है। केवल सुरक्षा संबंधी समस्याओं के कारण तहखाने बंद किए गए हैं। ताजमहल विश्व धरोहर है और इसे इसी रूप में देखा जाना चाहिए। व्यर्थ का विवाद ताज के साथ नहीं जुड़ना चाहिए।
कोई भी व्यक्ति एएसआई से अनुमति लेकर तहखानों का निरीक्षण कर सकता है। केवल सुरक्षा संबंधी समस्याओं के कारण तहखाने बंद किए गए हैं। ताजमहल विश्व धरोहर है और इसे इसी रूप में देखा जाना चाहिए। व्यर्थ का विवाद ताज के साथ नहीं जुड़ना चाहिए।