{"_id":"6399c9508aae1b33765c858d","slug":"class-ii-student-lost-his-life-while-playing-in-firozabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"कक्षा दो के छात्र की मौत: भयभीत ग्रामीणों ने स्कूल नहीं भेजे अपने बच्चे, गांव में पसरा रहा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कक्षा दो के छात्र की मौत: भयभीत ग्रामीणों ने स्कूल नहीं भेजे अपने बच्चे, गांव में पसरा रहा सन्नाटा
Wed, 14 Dec 2022 06:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 14 Dec 2022 06:32 PM IST
सार
ग्रामीणों में भय होने के कारण जब कोई छात्र स्कूल नहीं पहुंचा तो इसकी जानकारी बीएसए आशीष पांडेय को प्रधानाध्यापक ने दी। जिसके बाद मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी, पर्यवेक्षक और प्रभारी निरीक्षक पहुंचे और लोगों को समझा बुझा कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा।
विज्ञापन
गांव पहुंचे एबीएसए व अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में साथी छात्रों के साथ खेल - खेल में चोट लगने से कक्षा दो के छात्र शिवम की मंगलवार सुबह मौत होने के दूसरे दिन बुधवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। प्रधानाध्यापक के पहुंचने पर भी स्कूल में कोई छात्र नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रधानाध्यापिका ने अभिभावकों से बात की और बच्चों को विद्यालय भेजने का अनुरोध किया, लेकिन कुछ लोगों ने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी रामशंकर कुरील, पर्यवेक्षक दिनेश कुमार और प्रभारी निरीक्षक हरवेंद्र कुमार मिश्रा गांव पहुंचे और उन्होंने लोगों को समझाया। इसके बाद 66 बच्चे स्कूल पहुंचे ।
ये भी पढ़ें - दरोगा की पत्नी ने डीआईजी को किया ट्वीट: साहब! पति को परेशान कर रहे थानेदार, लगा देते हैं नाइट ड्यूटी
विज्ञापन
विज्ञापन
ये है मामला
सोमवार को स्कूल में इंटरवल में बच्चे खेल रहे थे, आरोप है कि तभी तीन बच्चों ने एक साथ मिल कर छात्र शिवम को पीट दिया था। जिससे उसकी गर्दन में गंभीर चोट आने से छात्र कोमा में पहुंच गया और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। छात्र की चोट लगने से हुई मौत के बाद बुधवार को एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा। प्रधानाध्यापक स्कूल पहुंची तो कोई छात्र नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने अभिभावकों से फोन पर संपर्क किया और बच्चों को भेजने के लिए कहा। कुछ छात्र आए तो रास्ते में बैठे कुछ लोगों ने उन्हें लौटा दिया। इसकी जानकारी उन्होंने बीएसए को दी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - दरोगा की पत्नी ने डीआईजी को किया ट्वीट: साहब! पति को परेशान कर रहे थानेदार, लगा देते हैं नाइट ड्यूटी
विज्ञापन
एबीएसए, पर्यवेक्षक और प्रभारी निरीक्षक ने भी किया गांव का दौरा
बुधवार को ग्रामीणों में भय होने के कारण जब कोई छात्र स्कूल नहीं पहुंचा तो इसकी जानकारी बीएसए आशीष पांडेय को प्रधानाध्यापक ने दी। जिसके बाद मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी, पर्यवेक्षक और प्रभारी निरीक्षक पहुंचे और लोगों को समझा बुझा कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट देनी है। जांच में दोषी पाये जाने पर ही विभागीय कार्यवाही की जायेगी।