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हॉर्न बजाने से दौड़ी गाय, रस्सी से सौ मीटर घिसटा छात्र, बंदरों ने भी काटा, इलाज को भेजा दिल्ली
Wed, 19 Feb 2020 10:52 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 19 Feb 2020 10:52 AM IST
सार
- गाय की रस्सी में फंसकर 100 मीटर
- घिसटा छात्र, बंदरों ने भी काट खाया
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एंबुलेंस में घायल छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
माईथान में कक्षा पांच के छात्र अंश की गाय बाइक सवार के हार्न बजाने पर दौड़ने लगी। गाय के गले में बंधी रस्सी अंश के हाथ के पंजे में फंस गई। रस्सी खिंचने की वजह से वह सौ मीटर तक घिसटता चला गया।
एक कार में फंसने पर रस्सी से उसका पंजा कट गया। वह घायल होकर चीखने लगा। इस पर बंदरों ने उसे काट खा लिया। मोहल्ले के लोगों ने उसे किसी तरह बचाया। परिजनों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया। छात्र को दिल्ली रेफर किया गया है।
माईथान, कोतवाली निवासी गोपाल यादव का बेटा अंश यादव मंगलवार दोपहर ढाई बजे घर के पास बंधी गाय को खोलकर घर ला रहा था। अंश ने गाय के गले में बंधी रस्सी का दूसरा हिस्सा अपने हाथ के पंजे में बांध रखा था। रास्ते में एक बाइक सवार के हॉर्न बजाने पर गाय बेकाबू हो गई। वह दौड़ने लगी। अंश का हाथ रस्सी में फंसा हुआ था। इस कारण वह भी गाय के साथ सड़क पर सौ मीटर तक घिसटता चला गया।
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एक कार में फंसने पर रस्सी से उसका पंजा कट गया। वह घायल होकर चीखने लगा। इस पर बंदरों ने उसे काट खा लिया। मोहल्ले के लोगों ने उसे किसी तरह बचाया। परिजनों ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया। छात्र को दिल्ली रेफर किया गया है।
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माईथान, कोतवाली निवासी गोपाल यादव का बेटा अंश यादव मंगलवार दोपहर ढाई बजे घर के पास बंधी गाय को खोलकर घर ला रहा था। अंश ने गाय के गले में बंधी रस्सी का दूसरा हिस्सा अपने हाथ के पंजे में बांध रखा था। रास्ते में एक बाइक सवार के हॉर्न बजाने पर गाय बेकाबू हो गई। वह दौड़ने लगी। अंश का हाथ रस्सी में फंसा हुआ था। इस कारण वह भी गाय के साथ सड़क पर सौ मीटर तक घिसटता चला गया।
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इसी बीच वह एक घर के आगे खड़ी कार में वह फंस गया। उधर, गाय के खींचने से उसके हाथ पंजा रस्सी से कट गया। लहूलुहान होकर अंश चीखने लगा। इसी बीच बंदरों ने अंश पर हमला बोल दिया।
उसके सिर और चेहरे को काट खा लिया। चीखपुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने अंश को बचाया। बाद में परिजन आ गए। अंश को एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर गए, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। बॉक्स
कटा हुआ पंजा लेकर पहुंचे परिजन
परिजनों ने बताया कि अंश के हाथ का कटा पंजा लेकर पहुंचे थे। मगर, एसएन के चिकित्सकों ने पंजे को फिर से जोड़ने से इनकार कर दिया। इस पर उसे दिल्ली लेकर जाना पड़ा।
उसके सिर और चेहरे को काट खा लिया। चीखपुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए। उन्होंने अंश को बचाया। बाद में परिजन आ गए। अंश को एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर गए, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। बॉक्स
कटा हुआ पंजा लेकर पहुंचे परिजन
परिजनों ने बताया कि अंश के हाथ का कटा पंजा लेकर पहुंचे थे। मगर, एसएन के चिकित्सकों ने पंजे को फिर से जोड़ने से इनकार कर दिया। इस पर उसे दिल्ली लेकर जाना पड़ा।