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ओमिक्रॉन से निपटने को जिला में नहीं हैं पर्याप्त इंतजाम
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कासगंज। ओमिक्रॉन वैरिएंट देश में दस्तक दे चुका है, लेकिन इससे निपटने के लिए जिले के स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जहां, चिकित्सकों के 127 में से 87 पद रिक्त हैं तो वहीं जिला अस्पताल में रखे 24 वेंटिलेटर शोपीस बने हैं।
जिला में कोरोना की पहली और दूसरी लहर का काफी असर रहा। दूसरी लहर ने तो जिले में काफी तबाही मचाई थी। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए जिला अस्पताल और गंजडुंडवारा में आक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। जबकि शेष छह ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर आक्सीजन प्लांट लगाने के इंतजाम अभी तक नहीं हो सके हैं। सबसे बड़ी समस्या चिकित्सकों की कमी की है। जिला अस्पताल और ब्लॉक स्तरीय अस्पताल व ग्रामीण अस्पतालों के लिए स्वीकृत 127 पदों में से 87 पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा एएनएम, फार्मासिस्ट आदि की भी जिला में काफी कमी है। वेंटिलेटर के लिए टेक्नीशियन भी नहीं हैं। ऐसे में लोगों को आम दिनों में ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। यदि ओमिक्रॉन वैरिएंट ने जिला में अपना असर दिखाया तो पहली व दूसरी लहर की तरह ही हालात विकराल हो सकते हैं। वहीं, सात ब्लॉक और 29 ग्रामीण अस्पताल में चिकित्सकों के 93 पद स्वीकृत हैं, जिनमें केवल 35 पद ही भरे जा सके हैं।
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जिला में पहली व दूसरी लहर में कोरोना की स्थिति
लहर संक्रमित जिला में मृतक की संख्या बाहरी जनपदों में मृतकों की संख्या
पहली लहर 1958 0 - 40
दूसरी लहर 2292 53 - 79
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ऑक्सीजन की व्यवस्था
ऑक्सीजन सिलिंडर जंबो 57
ऑक्सीजन सिलिंडर छोटे 45
वेंटिलेटर 24
ऑमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला में दवाओं की कोई कमी नहीं है। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए शासन को डिमांड भेजी जा चुकी है। - डा. अनिल कुमार, सीएमओ
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जिला में कोरोना की पहली और दूसरी लहर का काफी असर रहा। दूसरी लहर ने तो जिले में काफी तबाही मचाई थी। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए जिला अस्पताल और गंजडुंडवारा में आक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। जबकि शेष छह ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर आक्सीजन प्लांट लगाने के इंतजाम अभी तक नहीं हो सके हैं। सबसे बड़ी समस्या चिकित्सकों की कमी की है। जिला अस्पताल और ब्लॉक स्तरीय अस्पताल व ग्रामीण अस्पतालों के लिए स्वीकृत 127 पदों में से 87 पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा एएनएम, फार्मासिस्ट आदि की भी जिला में काफी कमी है। वेंटिलेटर के लिए टेक्नीशियन भी नहीं हैं। ऐसे में लोगों को आम दिनों में ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। यदि ओमिक्रॉन वैरिएंट ने जिला में अपना असर दिखाया तो पहली व दूसरी लहर की तरह ही हालात विकराल हो सकते हैं। वहीं, सात ब्लॉक और 29 ग्रामीण अस्पताल में चिकित्सकों के 93 पद स्वीकृत हैं, जिनमें केवल 35 पद ही भरे जा सके हैं।
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जिला में पहली व दूसरी लहर में कोरोना की स्थिति
लहर संक्रमित जिला में मृतक की संख्या बाहरी जनपदों में मृतकों की संख्या
पहली लहर 1958 0 - 40
दूसरी लहर 2292 53 - 79
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ऑक्सीजन की व्यवस्था
ऑक्सीजन सिलिंडर जंबो 57
ऑक्सीजन सिलिंडर छोटे 45
वेंटिलेटर 24
ऑमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला में दवाओं की कोई कमी नहीं है। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए शासन को डिमांड भेजी जा चुकी है। - डा. अनिल कुमार, सीएमओ
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