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हेराफेरी- हाजिरी के नाम पर विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे थे गुरुजी, कार्रवाई
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कासगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में हाजिरी के नाम पर गुरुजी द्वारा विभाग की आंखों में धूल झोंकने का मामला सामने आया है। खंड शिक्षाधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराने के बाद अवकाश अवधि में भी स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर मिले हैं। यहां तक कि शिक्षिका के हस्ताक्षर सहयोगी गुरुजी कर रहे थे। इस लापरवाही पर एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पहला मामला-
यह मामला पटियाली विकासखंड क्षेत्र के गांव नगला मुंशी के परिषदीय स्कूल से जुड़ा हुआ है। इस विद्यालय पर तैनात शिक्षिका जया शर्मा ने खंड शिक्षाधिकारी से मैनुअल अवकाश स्वीकृत करा लिया। अवकाश अवधि में भी उनके हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में मिले हैं । बीएसए की जांच में पाया गया कि अध्यापक मदनलाल शिक्षिका के हस्ताक्षर करते रहे। इस पर बीएसए ने अध्यापक मदनलाल को निलंबित कर दिया है। जबकि शिक्षिका जया शर्मा का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
दूसरा मामला-
गंजडुंडवारा विकासखंड क्षेत्र के गांव नगला दुर्ग में तैनात शिक्षक मोहम्मद असलम ने खंड शिक्षाधिकारी से मैनुअल अवकाश स्वीकृत कराया। खंड शिक्षाधिकारी ने अवकाश स्वीकृत करने के बाद वहां दूसरे विद्यालय के एक शिक्षक को तैनात किया। शिक्षक ने अवकाश अवधि से लौटने के बाद उपस्थिति रजिस्टर में पूरे महीने के हस्ताक्षर कर दिए। बीएसए ने मनमानी करने वाले शिक्षक का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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खंड शिक्षाधिकारी को भी नोटिस
नियम है कि कोई भी अवकाश अब मैनुअल नहीं ऑनलाइन स्वीकृत होगा, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी ने मैनुअल अवकाश स्वीकृत किए। ऐसे में कहीं न कहीं उनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। दोनों ही विकासखंडों में खंड शिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल पर चार्ज है। बीएसए ने उन्हें भी नोटिस देकर जवाब मांगा है।
वर्जन-
- शिक्षकों ने उपस्थिति के नाम पर बड़ी हेराफेरी की है। एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है जबकि एक शिक्षक व शिक्षिका का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इन सभी के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। - अंजली अग्रवाल, बीएसए।
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पहला मामला-
यह मामला पटियाली विकासखंड क्षेत्र के गांव नगला मुंशी के परिषदीय स्कूल से जुड़ा हुआ है। इस विद्यालय पर तैनात शिक्षिका जया शर्मा ने खंड शिक्षाधिकारी से मैनुअल अवकाश स्वीकृत करा लिया। अवकाश अवधि में भी उनके हस्ताक्षर उपस्थिति रजिस्टर में मिले हैं । बीएसए की जांच में पाया गया कि अध्यापक मदनलाल शिक्षिका के हस्ताक्षर करते रहे। इस पर बीएसए ने अध्यापक मदनलाल को निलंबित कर दिया है। जबकि शिक्षिका जया शर्मा का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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दूसरा मामला-
गंजडुंडवारा विकासखंड क्षेत्र के गांव नगला दुर्ग में तैनात शिक्षक मोहम्मद असलम ने खंड शिक्षाधिकारी से मैनुअल अवकाश स्वीकृत कराया। खंड शिक्षाधिकारी ने अवकाश स्वीकृत करने के बाद वहां दूसरे विद्यालय के एक शिक्षक को तैनात किया। शिक्षक ने अवकाश अवधि से लौटने के बाद उपस्थिति रजिस्टर में पूरे महीने के हस्ताक्षर कर दिए। बीएसए ने मनमानी करने वाले शिक्षक का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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खंड शिक्षाधिकारी को भी नोटिस
नियम है कि कोई भी अवकाश अब मैनुअल नहीं ऑनलाइन स्वीकृत होगा, लेकिन खंड शिक्षाधिकारी ने मैनुअल अवकाश स्वीकृत किए। ऐसे में कहीं न कहीं उनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। दोनों ही विकासखंडों में खंड शिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल पर चार्ज है। बीएसए ने उन्हें भी नोटिस देकर जवाब मांगा है।
वर्जन-
- शिक्षकों ने उपस्थिति के नाम पर बड़ी हेराफेरी की है। एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है जबकि एक शिक्षक व शिक्षिका का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इन सभी के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। - अंजली अग्रवाल, बीएसए।