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गन्ना एवं सॉफ्ट लोन बकाए भुगतान का मामला- चीनी मिल के अफसरों पर कसा शिकंजा, दबाव बनाने को गन्ना कार्यालय में बैठाए
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कासगंज। न्यौली चीनी मिल की ओर से किसानों के गन्ना और सॉफ्ट लोन के बकाए के भुगतान की धीमी गति पर जिला प्रशासन ने चीनी मिल पर शिकंजा कसा है। मंगलवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक के दौरान सख्त हुए जिलाधिकारी ने चीनी मिल पर दबाव बनाने के लिए मिल के तीन अफसरों को गन्ना कार्यालय में बैठा दिया। गन्ना अधिकारी को निर्देश दिए किए जब तक मिल प्रशासन भुगतान के बारे में संतोषजनक जवाब न दे तब तक उन्हें वापस नहीं जाने दिए जाए। साथ ही चीनी मिल की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों को शासन में अपर आयुक्त गन्ना को भेजे गए। जहां उनकी जांच हो रही है।
न्यौली चीनी मिल ने इस साल किसानों से 58.50 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था, लेकिन भुगतान की गति इतनी धीमी है कि अब तक मात्र 22 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है। इसके अलावा पिछले साल बकाया भुगतान के लिए सॉफ्टलोन योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से चीनी मिल को ऋण उपलब्ध कराया था।
32 करोड़ रुपये के ऋण को किश्तों में जमा करना था, लेकिन 5 महीने तक लगातार चीनी मिल ने किश्त जमा नहीं की। मंगलवार को गन्ना विभाग और चीनी मिल के अफसरों की बैठक डीएम सीपी सिंह ने बुलाई। यहां संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम नाराज हो गए और उन्होंने चीनी मिल के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को गन्ना कार्यालय में बैठा दिया। उनसे बातचीत की जा रही है।
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वहीं शासन में अपर आयुक्त से भी लगातार वार्ता जारी रखी गई। चीनी मिल प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि लॉकडाउन के कारण सॉफ्ट लोन की किश्तों का भुगतान नहीं किया गया। हालांकि देर शाम तक वार्ता जारी थी।
वर्जन-
- चीनी मिल प्रशासन ने किसानों के भुगतान के लिए पिछले वर्ष दिए गए सॉफ्ट लोन की पांच किश्तों का भुगतान नहीं किया है। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान भी लंबित है। दोनों मामलों का निस्तारण कराने के लिए चीनी मिल के अधिकारियों को संतोषजनक वार्ता के लिए रोका गया है और जिला गन्ना अधिकारी वार्ता कर रहे हैं- सीपी सिंह, डीएम।
- जिलाधिकारी के निर्देश पर चीनी मिल के अधिकारियों को कार्यालय में रोककर वार्ता की जा रही है। अपर गन्ना आयुक्त को की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई है। चीनी मिल के द्वारा दिए गए दस्तावेजों को अपर गन्ना आयुक्त को भेजा गया है जहां जांच की जा रही है।- ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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न्यौली चीनी मिल ने इस साल किसानों से 58.50 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था, लेकिन भुगतान की गति इतनी धीमी है कि अब तक मात्र 22 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है। इसके अलावा पिछले साल बकाया भुगतान के लिए सॉफ्टलोन योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से चीनी मिल को ऋण उपलब्ध कराया था।
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32 करोड़ रुपये के ऋण को किश्तों में जमा करना था, लेकिन 5 महीने तक लगातार चीनी मिल ने किश्त जमा नहीं की। मंगलवार को गन्ना विभाग और चीनी मिल के अफसरों की बैठक डीएम सीपी सिंह ने बुलाई। यहां संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम नाराज हो गए और उन्होंने चीनी मिल के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को गन्ना कार्यालय में बैठा दिया। उनसे बातचीत की जा रही है।
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वहीं शासन में अपर आयुक्त से भी लगातार वार्ता जारी रखी गई। चीनी मिल प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि लॉकडाउन के कारण सॉफ्ट लोन की किश्तों का भुगतान नहीं किया गया। हालांकि देर शाम तक वार्ता जारी थी।
वर्जन-
- चीनी मिल प्रशासन ने किसानों के भुगतान के लिए पिछले वर्ष दिए गए सॉफ्ट लोन की पांच किश्तों का भुगतान नहीं किया है। गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान भी लंबित है। दोनों मामलों का निस्तारण कराने के लिए चीनी मिल के अधिकारियों को संतोषजनक वार्ता के लिए रोका गया है और जिला गन्ना अधिकारी वार्ता कर रहे हैं- सीपी सिंह, डीएम।
- जिलाधिकारी के निर्देश पर चीनी मिल के अधिकारियों को कार्यालय में रोककर वार्ता की जा रही है। अपर गन्ना आयुक्त को की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई है। चीनी मिल के द्वारा दिए गए दस्तावेजों को अपर गन्ना आयुक्त को भेजा गया है जहां जांच की जा रही है।- ओम प्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।