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लापरवाही: पीपीई किट में लकड़ी भरकर ले जा रहे थे बच्चे, बाल आयोग ने तलब की रिपोर्ट

Fri, 22 May 2020 12:23 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 22 May 2020 12:23 AM IST
सार

  • आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस ने बाल आयोग में की थी शिकायत
  • आयोग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के सचिव से रिपोर्ट तलब की

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Children were carrying wooden bags in PPE kits in agra amid coronavirus
पीपीई किट में लकड़ी भरकर ले जाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में कोरोना संकट के बीच लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। यहां पर्सनल प्रोटेक्टिव इरक्यिवपमेंट (पीपीई) किट में दो बच्चे लकड़ी भरकर ले जाते दिखे। इसके वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर बाल आयोग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के सचिव से रिपोर्ट तलब की है। 
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चिकित्सक पीपीई किट पहन कर कोरोना संक्रमितों का इलाज करते हैं। अन्य कोरोना योद्धा भी इस किट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन शहर के सदर क्षेत्र में दो बच्चे पीपीई किट में लकड़ी भरकर लेकर जा रहे थे। इसके फोटो और वीडियो सोशल वीडियो पर वायरल हो गए। 
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18 मई को की थी शिकायत

महफूज संस्था के समन्वयक और आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस ने बाल आयोग के यहां 18 मई को शिकायत की थी। पारस ने आयोग से पीपीई किट का सही निस्तारण न करने पर लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई करने के साथ बच्चों और उनके परिजनों की कोविड-19 की जांच कराने की मांग की थी। 
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इस पर बाल आयोग ने परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सचिव को नोटिस भेजकर इसकी रिपोर्ट मांगी है। आरटीआई कार्यकर्ता नरेश पारस ने बताया कि उपयोग में लाई गई पीपीई किट से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा है, इसका निस्तारण मानक अनुरूप नहीं किया गया है, ऐसे में कार्रवाई की मांग की है। 

चिकित्सकीय मानक के अनुरूप करना होता है नष्ट

कोविड-19 के मरीजों के इलाज, संदिग्धों के नमूने लेने समेत कोरोना वायरस से बचाव के लिए पीपीई किट का इस्तेमाल किया जाता है। इसे पहन कर मरीजों की जांच और इलाज करते हैं। इनको चिकित्सकीय मानक के अनुसार नष्ट कराया जाता है, लेकिन यह खुले में कैसे बच्चों को मिली, कहां फेंकी गई, इसकी भी आरटीआई कार्यकर्ता ने जांच कराने की मांग की है।  
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