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Health News: मौसम में बदलाव से बच्चे पड़ रहे बीमार...इन बातों का रखें विशेष ध्यान, लापरवाही पड़ सकती है भारी
Mon, 15 Jul 2024 11:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:54 AM IST
सार
बारिश के मौसम में उमस भरी गर्मी तो कभी धूप। ये मौसम बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। इसलिए इस मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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अस्पताल में भर्ती बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में बारिश और मौसम का बदलाव बीमारियों की वजह बना है। जरा सी लापरवाही से बच्चों को मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियां हो रही हैं। रविवार को इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) आगरा ने मानसून के दौरान और बाद में होने वाली बीमारियों के उपचार के बारे में कार्यशाला का आयोजन किया।
एम्स हैदराबाद से आए डॉ. मधुसूदन ने बताया कि मानसून के दौरान और मानसून के बाद मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और लेप्टोस्पाइरोसिस ज्यादा होते हैं। इन बीमारियों के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं और बिना जांचों के इनका निदान मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों डेंगू भी फैल रहा है।
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एम्स हैदराबाद से आए डॉ. मधुसूदन ने बताया कि मानसून के दौरान और मानसून के बाद मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और लेप्टोस्पाइरोसिस ज्यादा होते हैं। इन बीमारियों के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं और बिना जांचों के इनका निदान मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि इन दिनों डेंगू भी फैल रहा है।
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सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से आए डॉ. रमेश चौधरी ने बताया कि कई बार इन मौसमी बुखार के बिगड़ने पर ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और कभी-कभी शरीर के सभी अंग काम करना बंद कर देते हैं। गोष्ठी में डॉ. राकेश भाटिया ने मस्तिष्क के बुखार और उनकी जटिलताओं के बारे में बताया।
डॉ. अरुण जैन ने त्वचा संबंधी रोगों के विषय में बताया। डॉ. सोनिया भट्ट ने बताया कि अगर मरीज की बीमारी से लड़ने की ताकत कम हो तो बीमारियों के लक्षण बदल जाते हैं। इस दौरान आईएपी अध्यक्ष डॉ. अमरकांत गुप्ता, सचिव डॉ. योगेश दीक्षित, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. आरएन शर्मा, डॉ. आरएन द्विवेदी समेत 55 बाल रोग विशेषज्ञों ने शिरकत की।