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बंदी ‘बचपन’ को मिलेगी शिक्षा की रोशनी

Fri, 05 Feb 2016 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Updated Fri, 05 Feb 2016 02:21 AM IST
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child of women prisoners will get education
जिला जेल में बिना गुनाह सजा काट रहे महिला बंदियों के बच्चों को अब शिक्षा मिल सकेगी। क्यूआईसीएसी के रीजनल कोआर्डिनेटर नरेश पारस की पहल पर शिक्षा विभाग ने जिला जेल में सहायक अध्यापक की नियुक्ति कर दी है। खंड शिक्षा अधिकारी ब्रह्मनारायण श्रीवास्तव ने विजय नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक कपिल दुबे को जिला जेल में तत्काल प्रभाव से अध्यापन कार्य करने का आदेश दिया है।
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अमर उजाला ने 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस पर ‘बिना गुनाह के बंदी है बचपन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी, जिसमें बच्चों की शिक्षा का मसला भी उठाया था। जिला जेल में 14 बच्चे अपनी माताओं के साथ बंद हैं।
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 नरेश पारस ने बताया कि ‘मैं पिछले चार-पांच महीने से बच्चों के लिए अध्यापक की नियुक्ति के लिए कार्य कर रहा था। सबसे पहले मैंने बीएसए और बाल कल्याण समिति को पत्र लिखा। उसी पर कार्यवाही करते हुए शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापक की नियुक्ति की है। जेल अधीक्षक और मैं सहायक अध्यापक कपिल दुबे की उपस्थिति पर हस्ताक्षर करेंगे। उसके बाद ही उन्हें वेतन जारी होगा। मेरी मुहिम सफल हुई। अब बच्चों को शिक्षा मिल सकेगी।’
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