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Agra News: अदालत में मासूम ने तोड़ी चुप्पी, चाचा को 20 साल की कैद
Tue, 20 Oct 2026 02:40 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:40 AM IST
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आगरा। डर को पीछे छोड़ आठ साल की मासूम बच्ची ने अदालत में भी हिम्मत दिखाई। चुप्पी तोड़ते हुए उसने खुद के साथ हुई हैवानियत बयां की। सुनवाई पूरी होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर ने दरिंदगी करने वाले उसके ही रिश्ते के चाचा को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने किसी को बताने पर बच्ची की मां को फांसी पर लटका देने की धमकी दी थी।
मामला थाना ताजगंज क्षेत्र का है। 27 अगस्त, 2024 को आठ साल की बच्ची आरोपी आजाद के घर उसकी भतीजी के साथ खेलने गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर छत पर ले गया और दुष्कर्म किया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। घबराए परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया।
अस्पताल में हालत सुधरने पर जब बच्ची ने परिजन को आपबीती सुनाई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी ने मासूम को धमकाया था कि यदि उसने मुंह खोला तो उसकी मां को फांसी पर लटका देगा। बच्ची ने भारी मानसिक दबाव और डर के बाद भी हिम्मत जुटाई। पिता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर मामले को अदालत तक पहुंचाया।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत कुल सात गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान हिम्मत दिखाते हुए खुद पीड़िता ने बेबाकी से गवाही दी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी आजाद को दोषी माना और उसे सजा सुनाई। आरोपी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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मामला थाना ताजगंज क्षेत्र का है। 27 अगस्त, 2024 को आठ साल की बच्ची आरोपी आजाद के घर उसकी भतीजी के साथ खेलने गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहला-फुसलाकर छत पर ले गया और दुष्कर्म किया। इस अमानवीय कृत्य के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। घबराए परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया।
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अस्पताल में हालत सुधरने पर जब बच्ची ने परिजन को आपबीती सुनाई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी ने मासूम को धमकाया था कि यदि उसने मुंह खोला तो उसकी मां को फांसी पर लटका देगा। बच्ची ने भारी मानसिक दबाव और डर के बाद भी हिम्मत जुटाई। पिता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर मामले को अदालत तक पहुंचाया।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत कुल सात गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान हिम्मत दिखाते हुए खुद पीड़िता ने बेबाकी से गवाही दी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी आजाद को दोषी माना और उसे सजा सुनाई। आरोपी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।