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UP: सेना भर्ती के नाम पर लाखों की ठगी, मैनपुरी में गैंग सरगना पर केस दर्ज; इस तरह जाल में फंसते थे युवा

Wed, 04 Jun 2025 09:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 04 Jun 2025 09:51 AM IST
सार

किशनी में भर्ती प्रशिक्षण ट्रेनिंग सेंटर खोलकर अरविंद यूट्यूब पर प्रचार करता था। पुलिस और सेना में भर्ती कराने का लालच देकर युवाओं को फंसा लिया जाता था, जिसके बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। 
 

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Cheating of lakhs in the name of army recruitment case registered against gang leader in Mainpuri
पुलिस-सेना भर्ती के लिए खोला गया प्रशिक्षण केन्द्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में किशनी चौराहा पर संचालित पुलिस-सेना भर्ती ट्रेनिंग सेंटर के संचालक अरविंद पांडेय व उसके अज्ञात साथियों पर सेना भर्ती के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी में केस दर्ज हो गया है। पुलिस अरविंद की गिरफ्तारी के करीब है। पुलिस को इनपुट मिला है कि उसकी एक महिला मित्र भी इस गिरोह में शामिल है।
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तेलंगाना के करीमनगर जिले के अशोक ने किशनी थाने में केस दर्ज कराया है। आरोप है कि डॉ. अरविंद पांडेय नाम के व्यक्ति ने सीआरपीएफ, एयरफोर्स, नेवी और आर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगे हैं। अशोक ने दर्ज केस में आरोप लगाया है कि 21 जून 2024 को करीब उन्होंने एक यूट्यूब पर विज्ञापन देखा, जिसमें डॉ. अरविंद पांडेय ने 2-3 लाख रुपये लेकर सीआरपीएफ, एयरफोर्स, नेवी, आर्मी आदि में ट्रेनिंग देने के बाद नौकरी लगवाने का दावा किया था। इस विज्ञापन से प्रभावित होकर, उन्होंने अपने छह बेटों सागर, चंद्रशेखर, श्रीकांत, रवितेजा, विजय और लक्ष्मण को इस ट्रेनिंग सेंटर में भर्ती कराया।

 
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लाखों का भुगतान, न नौकरी न रुपयों की वापसी
अशोक का आरोप है कि उन्होंने प्रत्येक लड़के के लिए 2-3 लाख रुपये का भुगतान किया। इसमें से 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति लड़का ऑनलाइन और 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति लड़का नकद जमा कराए गए थे। ट्रेनिंग सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने आश्वासन दिया था कि तीन माह की ट्रेनिंग के बाद सभी को नौकरी मिल जाएगी। हालांकि, तीन महीने की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। अशोक ने बताया कि इस संबंध में एक एग्रीमेंट भी किया गया था, लेकिन अब डॉ. अरविंद कुमार पांडेय फोन नहीं उठाता है।

 
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अन्य पीड़ितों का भी खुलासा
अशोक ने यह भी बताया कि उनके बेटों के अलावा, डॉ. अरविंद कुमार पांडेय ने अनिरुद्ध दुबे निवासी मोहल्ला गढ़ी, किशनी से भी उनके भांजे अर्पित बाजपेयी निवासी मानपुर सराय मीरा, कन्नौज को भर्ती कराने के नाम पर 2150 रुपये पंजीकरण शुल्क, 1 लाख रुपये फोन पे और 3 लाख रुपये नकद लिए थे। अर्पित को भी नौकरी नहीं दिलाई गई। अशोक ने आरोप लगाया है कि अरविंद पांडेय धोखाधड़ी कर, फर्जी तरीके से वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर पैसे ऐंठता है।
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