कोसीकलां। चातुर्मास के क्रम में रविवार को खेडे़ ऊपर स्थित पद्म प्रभू जैन दिगंबर जैन मंदिर में मंगल कलश की स्थापना हुई। ध्वजारोहण के साथ चार महीने तक चलने वाला यह अनुष्ठान शुरू हो गया। मंदिर में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जुटे जैन समाज के श्रद्धालुओं ने आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी से आशीर्वाद लिया। इससे पहले मंगल ध्वजारोहण चंदीलाल जैन, जैन समाज अध्यक्ष सुभाष जैन, कैलाश चंदौरिया, राहुल जैन, प्रकाश जैन, कैलाश चंदौरिया ने किया।
वहीं मंदिर में मंगल कलश की स्थापना की गई। इस मौके पर आर्यिका माताजी ने प्रवचन में कहा कि चातुर्मास भारत की गौरवमय सांस्कृतिक परंपरा का एक अभिन्न अंग है। चातुर्मास की परंपरा सभी भारतीय धर्मों में है। मुनिजन चार महीनों के लिए एक ही स्थान पर रहते हैं तथा शीर्ष आठ माह तक विहार करते रहते हैं। परंतु जैन परंपरा में अभी तक अपने विशुद्ध रूप में विद्यमान हैं। इसे जैन धर्म की परिभाषा में वर्षावास कहा जाता है। इस मौके पर अशोक कामिया, राहुल जैन, विनोद जैन, नवीन जैन, प्रवीन जैन, सोमराज जैन, पारस जैन, रामू जैन, मुकेश जैन, अमित जैन, रुपचंद, अक्षय जैन, हर्ष जैन, चंद्रसैन जैन आदि थे।