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नेहा हत्याकांड में उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2016 02:06 AM IST
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दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीइआई) की शोध छात्रा नेहा शर्मा की हत्या की लंबी जांच पड़ताल के बाद सीबीआई ने उदय स्वरूप के खिलाफ मंगलवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। इससे पहले जांच करने वाली आगरा पुलिस ने भी उसे ही मुख्य आरोपी बनाया था। सीबीआई का दावा है कि उदय स्वरूप ने दुराचार के बाद नेहा की हत्या की। इसके बाद मौके से साक्ष्य भी मिटा दिए गए थे।
दिल्ली निवासी रक्षक पाल शर्मा की होनहार बेटी संस्थान में बीटेक की शोध छात्रा थी। उसे 15 मार्च 2013 को संस्थान की लैब में ही कटर से मारा गया था। पुलिस ने संस्थान के प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप और लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में पाया गया था कि उदय स्वरूप ने दुराचार में नाकाम होने पर नेहा की हत्या की थी।
इस मामले के खुलासे के लिए छात्र-छात्राओं ने आंदोलन चलाया था। पुलिस लीपापोती में लगी थी। इसके चलते जुलाई 2013 में प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच सीबीआई को दे दी गई थी। सीबीआई की जांच टीम में शामिल देवप्रीत सिंह ने बताया कि उदय स्वरूप के खिलाफ हत्या ( धारा 302), दुराचार ( धारा 376) और साक्ष्य मिटाने ( धारा 201) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आरोपी यशवीर सिंह संधू की भूमिका नहीं पाई गई है।
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उधर, सीबीआई सूत्रों ने बताया कि इस मामले में 36 गवाह बनाए गए हैं। सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट है। रेप की आशंका के चलते बनाई गई स्लाइड से डीएनए सैंपल लिया गया थ। इसका मिलान उदय स्वरूप से डीएनए से कराया गया था। उधर, नेहा के पिता रक्षक पाल शर्मा ने फोन पर बताया कि वे सीबीआई की जांच से संतुष्ट हैं। जिसने गुनाह किया था, उसी पर शिकंजा कसा है। वे चाहते हैं कि कोर्ट में केस की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी हो।
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दिल्ली निवासी रक्षक पाल शर्मा की होनहार बेटी संस्थान में बीटेक की शोध छात्रा थी। उसे 15 मार्च 2013 को संस्थान की लैब में ही कटर से मारा गया था। पुलिस ने संस्थान के प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप और लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में पाया गया था कि उदय स्वरूप ने दुराचार में नाकाम होने पर नेहा की हत्या की थी।
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इस मामले के खुलासे के लिए छात्र-छात्राओं ने आंदोलन चलाया था। पुलिस लीपापोती में लगी थी। इसके चलते जुलाई 2013 में प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच सीबीआई को दे दी गई थी। सीबीआई की जांच टीम में शामिल देवप्रीत सिंह ने बताया कि उदय स्वरूप के खिलाफ हत्या ( धारा 302), दुराचार ( धारा 376) और साक्ष्य मिटाने ( धारा 201) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आरोपी यशवीर सिंह संधू की भूमिका नहीं पाई गई है।
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उधर, सीबीआई सूत्रों ने बताया कि इस मामले में 36 गवाह बनाए गए हैं। सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट है। रेप की आशंका के चलते बनाई गई स्लाइड से डीएनए सैंपल लिया गया थ। इसका मिलान उदय स्वरूप से डीएनए से कराया गया था। उधर, नेहा के पिता रक्षक पाल शर्मा ने फोन पर बताया कि वे सीबीआई की जांच से संतुष्ट हैं। जिसने गुनाह किया था, उसी पर शिकंजा कसा है। वे चाहते हैं कि कोर्ट में केस की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी हो।