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वायरल बुखार का बदला पैटर्न: चिकनगुनिया जैसा दर्द, 15 दिन में ठीक हो रही खांसी-खराश; जरूर करें ये काम
Tue, 10 Sep 2024 09:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 10 Sep 2024 09:00 AM IST
सार
वायरल बुखार का पैटर्न बदला गया है। अब वायरल शरीर-मांसपेशियों में दर्द दे रहा है। एसएन और जिला अस्पताल की ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
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ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतार।
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विस्तार
आगरा में बदलते मौसम में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस बार बुखार का पैटर्न बदला हुआ है। चिकनगुनिया जैसा शरीर-मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। गले में खराश, हल्की खांसी कई दिनों तक रह रही है। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में सबसे ज्यादा वायरल बुखार के ही मरीज आए।
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एसएन के मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। बीते 10-15 दिनों से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ी है। सोमवार को एसएन ओपीडी में 3380 मरीज आए।
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मेडिसिन विभाग में 703 मरीज वायरल बुखार के रहे। इनको बुखार अधिक नहीं था, लेकिन हाथ-पैर, कमर, गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में दर्द अधिक बताया। ऐसा चिकनगुनिया में होता था। राहत की बात है कि समय पर दवाएं शुरू कराने में 3-5 दिन में ठीक हो रहा है। खांसी और खराश कई दिनों तक परेशान कर रही है। अगर बुखार आ रहा है और दर्द है, लेकिन जुकाम-खांसी नहीं है तो डेंगू का खतरा है, ऐसे में इसकी जांच जरूर करवा लें। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेंद्र कुमार अरोड़ा ने बताया कि ओपीडी में करीब 3500 मरीज आए। सबसे ज्यादा बुखार-खांसी, गले में खराश के रहे। इनको सिर में दर्द, मांसपेशियों में भी दर्द की परेशानी बताई गई।
बच्चों को तेज बुखार, गुनगुने पानी से शरीर साफ करें
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि बच्चों को तेज बुखार और पेट में दर्द की परेशानी अधिक मिल रही है। अगर बुखार आ रहा है तो गुनगुने पानी से शरीर को पौंछने से लाभ मिलता है। दरअसल, गुनगुने पानी से शरीर पौंछने पर रक्त नलिकाओं में सिकुड़न कम होती है और रक्त संचार तेजी से होने लगता है। शरीर पर लगा गुनगुना पानी भाप बनकर उड़ता है, जिससे ताप भी कम होता है। सोमवार को ओपीडी में 222 मरीज आए, इनमें 90 फीसदी को वायरल बुखार मिला। इनमें से 12 मरीजों को भर्ती करना पड़ा।
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि बच्चों को तेज बुखार और पेट में दर्द की परेशानी अधिक मिल रही है। अगर बुखार आ रहा है तो गुनगुने पानी से शरीर को पौंछने से लाभ मिलता है। दरअसल, गुनगुने पानी से शरीर पौंछने पर रक्त नलिकाओं में सिकुड़न कम होती है और रक्त संचार तेजी से होने लगता है। शरीर पर लगा गुनगुना पानी भाप बनकर उड़ता है, जिससे ताप भी कम होता है। सोमवार को ओपीडी में 222 मरीज आए, इनमें 90 फीसदी को वायरल बुखार मिला। इनमें से 12 मरीजों को भर्ती करना पड़ा।
ये करें:
- ठंडा पानी पीने और ठंडी सामग्री खाने से बचें।
- मच्छरों से बचाव करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- बुखार आने पर चिकित्सकीय परामर्श से दवा लें।
- घर में रखी दवाएं और सिरप डॉक्टरी परामर्श से लें।
- ठंडा पानी पीने और ठंडी सामग्री खाने से बचें।
- मच्छरों से बचाव करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- बुखार आने पर चिकित्सकीय परामर्श से दवा लें।
- घर में रखी दवाएं और सिरप डॉक्टरी परामर्श से लें।