{"_id":"a1c8be548bfa2f82d2919f6dcd623953","slug":"chaat-puja-in-agra-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"उगेए सूरज देव भाएले भोर हरिया अरघ के बेरिया... ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उगेए सूरज देव भाएले भोर हरिया अरघ के बेरिया...
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 19 Nov 2015 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर अंधेरे में डूबा है, लेकिन यमुना तट आस्था से आलोकित है। कालिंदी के ठंडे जल में खड़ीं व्रती सूर्य नारायण का ध्यान कर रही हैं। श्रद्धा के सामने हर कष्ट छोटा है। उनके तप को देखकर ही मन पावन हो जाता है। घाट पर ओम सूर्याय नम: मंत्र का जाप चल रहा है। सबको आदित्य के आने की प्रतीक्षा है। अंबर में उड़ते पक्षी चहचहा उठते हैं। कुछ ही देर में पेड़ के पीछे लालिमा से भरे सूर्य देव झांकने लगते हैं। धीरे-धीरे बाहर आते हैं और कालिंदी का कूल हर्षित हो उठता है। अर्घ के समय व्रती गाती हैं, उगेए सूरज देव भाएले भोर हरिया अरघ के बेरिया पूजन के बेरिया, गइली नदी के किनारवा लिही सूरज बाबा अरघ हमार...।
बुधवार की भोर छठ मैया के उपासकों ने उगते सूर्य को अर्घ अर्पित किया। इसी के साथ छठ पर्व का समापन हो गया। इस अवसर पर बच्चों ने घाटों पर खूब आतिशबाजी की। उपासकों ने अर्घ देने के बाद जल पीकर व्रत खोला। पूजा के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
बल्केश्वर घाट पर छठ पूजा का अप्रतिम नजारा था। किनारे पर दीपक झिलमिला रहे थे। महिलाएं छठ मैया का गुणगान गा रही थीं। कुछ यमुना जल में उतरकर कष्ट कर रही थीं तो कुछ किनारे पर बैठकर हाथ जोड़े सूर्य देव का ध्यान कर रही थीं।
विज्ञापन
आकाश में लालिमा छाते ही सभी सूप लेकर जल में खड़ी हो गईं। करीब पौने सात बजे सूर्य देव उदित हुए। घाट पर घंट बजने लगे। चारों ओर छठी मैया की जय जयकार हो उठी। उपासकों के रिश्तेदारों ने गाय के दूध से आदित्य को अर्घ अर्पित किया।
इस अवसर पर पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति ने हवन का आयोजन भी किया जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने आहुति दी। पूजा के बाद सभी ने मिलकर सूर्य देव की आरती की। उसके बाद घाट पर प्रसाद वितरित किया गया। उसके बाद भी घरों में छठ का उल्लास जारी रहा। लोगों ने एक दूसरे को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी। ठेकुआ खिलाकर छठ पर्व में मिठास घोली।
समिति के अध्यक्ष अशोक चौबे, व्यवस्थापक अखिलेश सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, वाईके शर्मा, अशोक यादव, रवि चौबे, मुन्ना मिश्रा, आरपी राय आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
रामबाग घाट पर श्रद्धा की सुंदर झांकी
आगरा। छठ महोत्सव के आखिरी दिन रामबाग घाट पर भी श्रद्धा की सुंदर झांकी सजी। श्रद्धालु 36 घंटे निर्जल व्रत रख तीन दिन से छठ मैया को मनाने के लिए विभिन्न अनुष्ठान कर रहे थे। व्रत समापन की ओर होने से इनका उत्साह और अधिक बढ़ गया था।
रात ढाई बजे से ही पूजन की तैयारियां शुरू कर दी गईं। व्रती अपने परिजनों के साथ पूजन सामग्री, फल और प्रसाद की टोकरी, गन्ना लेकर यमुना के घाटों का रुख कर दिया। घाट पर पहुंचने के बाद विधिविधान से पूजन शुरू किया। लोग देर तक यमुना के जल में खड़े रहे। सूर्य देव की लालिमा दिखते ही लोगों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ उठी। मंत्रोच्चार के बीच सूर्य देव को अर्घ दिया जाने लगा। बच्चे और युवा आतिशबाजी करने लगे। प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू हो गया। दान-पुण्य भी किया गया। रामबाग घाट की व्यवस्था पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के महामंत्री अभिमन्यु सिंह, फूलचंद गुप्ता, अमरीश शर्मा, अर्जुन मंडल, देवी प्रसाद पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, आरके शुक्ला ने व्यवस्था संभाली।
विज्ञापन
बुधवार की भोर छठ मैया के उपासकों ने उगते सूर्य को अर्घ अर्पित किया। इसी के साथ छठ पर्व का समापन हो गया। इस अवसर पर बच्चों ने घाटों पर खूब आतिशबाजी की। उपासकों ने अर्घ देने के बाद जल पीकर व्रत खोला। पूजा के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
बल्केश्वर घाट पर छठ पूजा का अप्रतिम नजारा था। किनारे पर दीपक झिलमिला रहे थे। महिलाएं छठ मैया का गुणगान गा रही थीं। कुछ यमुना जल में उतरकर कष्ट कर रही थीं तो कुछ किनारे पर बैठकर हाथ जोड़े सूर्य देव का ध्यान कर रही थीं।
विज्ञापन
आकाश में लालिमा छाते ही सभी सूप लेकर जल में खड़ी हो गईं। करीब पौने सात बजे सूर्य देव उदित हुए। घाट पर घंट बजने लगे। चारों ओर छठी मैया की जय जयकार हो उठी। उपासकों के रिश्तेदारों ने गाय के दूध से आदित्य को अर्घ अर्पित किया।
इस अवसर पर पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति ने हवन का आयोजन भी किया जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने आहुति दी। पूजा के बाद सभी ने मिलकर सूर्य देव की आरती की। उसके बाद घाट पर प्रसाद वितरित किया गया। उसके बाद भी घरों में छठ का उल्लास जारी रहा। लोगों ने एक दूसरे को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी। ठेकुआ खिलाकर छठ पर्व में मिठास घोली।
समिति के अध्यक्ष अशोक चौबे, व्यवस्थापक अखिलेश सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, वाईके शर्मा, अशोक यादव, रवि चौबे, मुन्ना मिश्रा, आरपी राय आदि ने व्यवस्थाएं संभाली।
रामबाग घाट पर श्रद्धा की सुंदर झांकी
आगरा। छठ महोत्सव के आखिरी दिन रामबाग घाट पर भी श्रद्धा की सुंदर झांकी सजी। श्रद्धालु 36 घंटे निर्जल व्रत रख तीन दिन से छठ मैया को मनाने के लिए विभिन्न अनुष्ठान कर रहे थे। व्रत समापन की ओर होने से इनका उत्साह और अधिक बढ़ गया था।
रात ढाई बजे से ही पूजन की तैयारियां शुरू कर दी गईं। व्रती अपने परिजनों के साथ पूजन सामग्री, फल और प्रसाद की टोकरी, गन्ना लेकर यमुना के घाटों का रुख कर दिया। घाट पर पहुंचने के बाद विधिविधान से पूजन शुरू किया। लोग देर तक यमुना के जल में खड़े रहे। सूर्य देव की लालिमा दिखते ही लोगों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ उठी। मंत्रोच्चार के बीच सूर्य देव को अर्घ दिया जाने लगा। बच्चे और युवा आतिशबाजी करने लगे। प्रसाद वितरण का सिलसिला शुरू हो गया। दान-पुण्य भी किया गया। रामबाग घाट की व्यवस्था पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के महामंत्री अभिमन्यु सिंह, फूलचंद गुप्ता, अमरीश शर्मा, अर्जुन मंडल, देवी प्रसाद पांडेय, राकेश श्रीवास्तव, आरके शुक्ला ने व्यवस्था संभाली।