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विश्वविद्यालय ने दी कठेरिया को छुट्टी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 16 Jan 2015 02:21 AM IST
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री और केएमआई में हिंदी के रीडर डा. रामशंकर कठेरिया को लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने तक अवैतनिक छुट्टी दी गई है। गुरुवार को खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में हुई डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। डा. कठेरिया के मंत्री रहते विश्वविद्यालय से वेतन लेने का खुलासा अमर उजाला ने किया था। इसके बाद जागे विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें जल्द छुट्टी देने का निर्णय लिया था।
केंद्रीय राज्य मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के मुताबिक नौ नवंबर को पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने 17 नवंबर को ही प्रार्थनापत्र दे दिया और रिसीव कराया था। इसके बाद खाते में 87 हजार रुपये सैलरी आने पर उन्होंने कहा था कि इसमें उनकी गलती नहीं, इस सैलरी को वह वापस कर देंगे। वहीं उनके संस्थान के निदेशक प्रो. हरीमोहन ने साफ किया था कि मंत्री बनने के बाद वह डा. कठेरिया को बधाई देने उनके घर गये थे, तभी उन्होंने डा. कठेरिया से जल्द वेतन रहित अवकाश के लिए आवेदन भिजवाने को कहा था। इसके बाद 13 नवंबर को प्रो. हरीमोहन ने कुलपति को पत्र लिखकर डा. कठेरिया के स्थान पर एक अतिथि शिक्षक की मांग भी की थी ताकि अध्यापन कार्य प्रभावित न हो।
250 कर्मचारियों की संविदा का नवीनीकरण
कार्य परिषद ने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की संविदा का नवीनीकरण 30 जून 2015 तक कर दिया गया है। इन कर्मचारियों की संख्या तकरीबन 250 है। संविदा खत्म हुए छह महीने से ज्यादा बीत चुके हैं।
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शिक्षकों की बल्ले- बल्ले
कार्य परिषद ने शिक्षकों के हित में कई फैसले लिए हैं। डा. मनु प्रताप सिंह, डा. संजीव शर्मा, डा. वीके सारस्वत को वैयक्तिक प्रोन्नत किया है। डा. अनिल गुप्ता, डा. राजीव कपिल को भी प्रोन्नत किया गया है। उन्हें रीडर के समकक्ष ग्रेड का वेतन मिलेगा। डा. हेमा पाठक, डा. बीडी शुक्ला, डा. एसके जैन को भी वरिष्ठ प्रवक्ता के बराबर वेतनमान मिलेगा। फार्मेसी के पांच शिक्षकों डा. ब्रजेश कुमार तिवारी, विनीत राज, पूजा शर्मा, विजय कुमार यादव, प्रतिभा मिश्रा की संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
ईसी में हुए अन्य निर्णय
- 26 कालेजों की संबद्धता को मंजूरी दी गई है।
- दो कर्मचारियों को मृतक आश्रित अनुकंपा में नौकरी को हरी झंडी दी गई है।
- डिप्टी लाइब्रेरियन शिवा कनौजिया को भी एक साल के लिए अवैतनिक छुट्टी दी गई है।
28 जनवरी को दीक्षांत समारोह
कुलपति ने प्रेसवार्ता में बताया कि 28 जनवरी को दीक्षांत समारोह होगा। भौतिकी के विद्वान और पद्मश्री डा. एमएस सोढ़ा मुख्य अतिथि होंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक ऑनलाइन रिजल्ट और मार्कशीट पर दीक्षांत समारोह होते आए हैं। इस बार राज्यपाल ने प्रिंटेड मार्कशीट के आधार पर समारोह की तिथियां दी हैं। इसलिए इसमें देरी हुई। मेडल सूची में कोई खास परिवर्तन नहीं किया गया है। मेडिकल के मेडल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अब देरी नहीं होगी। अगला दीक्षांत समारोह अक्टूबर में कराने की तैयारी है।
महिला के लिए बनेगा शौचालय
महिला कर्मचारियों के लिए विश्वविद्यालय परिसरों में शौचालय बनाए जाएंगे। कुलपति ने कहा कि बाहर से आनी वाली महिला परीक्षकाें को बहुत परेशानी होती है। बता दें कि विश्वविद्यालय में महिलाओं के लिए शौचालय नहीं है।
कर्मचारी चुनाव होंगे
कुलपति ने बताया कि वह कर्मचारी चुनाव कराना चाहते हैं। 28 जनवरी को दीक्षांत समारोह के बाद वह चुनाव कराएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी परिषद का कार्यकाल खत्म हो गया है, इसलिए चुनाव होंगे। गुरुवार को कर्मचारी नेता अखिलेश चौधरी, अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मिलकर चुनाव कराने की मांग भी की थी।
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केंद्रीय राज्य मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के मुताबिक नौ नवंबर को पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने 17 नवंबर को ही प्रार्थनापत्र दे दिया और रिसीव कराया था। इसके बाद खाते में 87 हजार रुपये सैलरी आने पर उन्होंने कहा था कि इसमें उनकी गलती नहीं, इस सैलरी को वह वापस कर देंगे। वहीं उनके संस्थान के निदेशक प्रो. हरीमोहन ने साफ किया था कि मंत्री बनने के बाद वह डा. कठेरिया को बधाई देने उनके घर गये थे, तभी उन्होंने डा. कठेरिया से जल्द वेतन रहित अवकाश के लिए आवेदन भिजवाने को कहा था। इसके बाद 13 नवंबर को प्रो. हरीमोहन ने कुलपति को पत्र लिखकर डा. कठेरिया के स्थान पर एक अतिथि शिक्षक की मांग भी की थी ताकि अध्यापन कार्य प्रभावित न हो।
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250 कर्मचारियों की संविदा का नवीनीकरण
कार्य परिषद ने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की संविदा का नवीनीकरण 30 जून 2015 तक कर दिया गया है। इन कर्मचारियों की संख्या तकरीबन 250 है। संविदा खत्म हुए छह महीने से ज्यादा बीत चुके हैं।
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शिक्षकों की बल्ले- बल्ले
कार्य परिषद ने शिक्षकों के हित में कई फैसले लिए हैं। डा. मनु प्रताप सिंह, डा. संजीव शर्मा, डा. वीके सारस्वत को वैयक्तिक प्रोन्नत किया है। डा. अनिल गुप्ता, डा. राजीव कपिल को भी प्रोन्नत किया गया है। उन्हें रीडर के समकक्ष ग्रेड का वेतन मिलेगा। डा. हेमा पाठक, डा. बीडी शुक्ला, डा. एसके जैन को भी वरिष्ठ प्रवक्ता के बराबर वेतनमान मिलेगा। फार्मेसी के पांच शिक्षकों डा. ब्रजेश कुमार तिवारी, विनीत राज, पूजा शर्मा, विजय कुमार यादव, प्रतिभा मिश्रा की संविदा पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है।
ईसी में हुए अन्य निर्णय
- 26 कालेजों की संबद्धता को मंजूरी दी गई है।
- दो कर्मचारियों को मृतक आश्रित अनुकंपा में नौकरी को हरी झंडी दी गई है।
- डिप्टी लाइब्रेरियन शिवा कनौजिया को भी एक साल के लिए अवैतनिक छुट्टी दी गई है।
28 जनवरी को दीक्षांत समारोह
कुलपति ने प्रेसवार्ता में बताया कि 28 जनवरी को दीक्षांत समारोह होगा। भौतिकी के विद्वान और पद्मश्री डा. एमएस सोढ़ा मुख्य अतिथि होंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक ऑनलाइन रिजल्ट और मार्कशीट पर दीक्षांत समारोह होते आए हैं। इस बार राज्यपाल ने प्रिंटेड मार्कशीट के आधार पर समारोह की तिथियां दी हैं। इसलिए इसमें देरी हुई। मेडल सूची में कोई खास परिवर्तन नहीं किया गया है। मेडिकल के मेडल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अब देरी नहीं होगी। अगला दीक्षांत समारोह अक्टूबर में कराने की तैयारी है।
महिला के लिए बनेगा शौचालय
महिला कर्मचारियों के लिए विश्वविद्यालय परिसरों में शौचालय बनाए जाएंगे। कुलपति ने कहा कि बाहर से आनी वाली महिला परीक्षकाें को बहुत परेशानी होती है। बता दें कि विश्वविद्यालय में महिलाओं के लिए शौचालय नहीं है।
कर्मचारी चुनाव होंगे
कुलपति ने बताया कि वह कर्मचारी चुनाव कराना चाहते हैं। 28 जनवरी को दीक्षांत समारोह के बाद वह चुनाव कराएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी परिषद का कार्यकाल खत्म हो गया है, इसलिए चुनाव होंगे। गुरुवार को कर्मचारी नेता अखिलेश चौधरी, अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मिलकर चुनाव कराने की मांग भी की थी।