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ताजमहल पर इस दावे को केंद्र सरकार ने किया खारिज, कोर्ट में दाखिल किया ये जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 21 Mar 2018 03:22 PM IST
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ताजमहल
ताजमहल बनाम तेजोमहालय केस में केंद्र सरकार ने एक और जवाब दाखिल किया है। यह उस दावे के बाद आया है जिसमें ताजमहल को सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया गया।
केंद्र सरकार ने कहा है कि सुन्नी वक्फ की संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ताजमहल पुरातत्व महत्व की धरोहर है, जिसका संरक्षण केंद्रीय पुरातत्व विभाग कर रहा है।
13 मार्च की तारीख पर नया बांस लोहामंडी के निवासी इफ्तिखार खां ने प्रार्थनापत्र देकर कहा था कि ताजमहल सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। साथ ही याचना की थी कि सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ का रजिस्टर तलब किया जाए।
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केंद्र सरकार ने कहा है कि सुन्नी वक्फ की संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्टे है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ताजमहल पुरातत्व महत्व की धरोहर है, जिसका संरक्षण केंद्रीय पुरातत्व विभाग कर रहा है।
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13 मार्च की तारीख पर नया बांस लोहामंडी के निवासी इफ्तिखार खां ने प्रार्थनापत्र देकर कहा था कि ताजमहल सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। साथ ही याचना की थी कि सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ का रजिस्टर तलब किया जाए।
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ताजमहल
केंद्र सरकार के अधिवक्ता विवेक शर्मा और पुरातत्व विभाग की अधिवक्ता अंजना शर्मा ने इस पर जवाब दाखिल किया। सुप्रीम कोर्ट के स्टे आर्डर का हवाला देकर कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड का रजिस्टर तलब करने की कोई आवश्यक्ता नहीं है।
तेजोमहालय पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने इफ्तिखार खान के प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दर्ज की। इसके लिए कोर्ट ने उन पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने दोनों पक्षों के जवाब के लिए 27 मार्च की तारीख नियत की है।
तेजोमहालय पक्ष के अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने इफ्तिखार खान के प्रार्थनापत्र पर आपत्ति दर्ज की। इसके लिए कोर्ट ने उन पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने दोनों पक्षों के जवाब के लिए 27 मार्च की तारीख नियत की है।