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घर-घर जनगणना: गलत लोकेशन, बंद फोन और भीषण गर्मी से प्रगणक परेशान, सामने आईं ये बड़ी दिक्कतें
Sat, 23 May 2026 10:11 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 23 May 2026 10:11 AM IST
सार
आगरा में घर-घर जनगणना कार्य के पहले ही दिन प्रगणकों को गलत लोकेशन, बंद फोन नंबर और भीषण गर्मी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने बताया कि क्षेत्र ढूंढने और लोगों से संपर्क करने में काफी समय लग रहा है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।
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जनगणना
- फोटो : AI
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विस्तार
जिले में शुक्रवार से घर-घर जनगणना कार्य की शुरुआत हो गई। प्रगणक और सुपरवाइजर लोगों से संपर्क कर जानकारी जुटाने में लगे रहे। हालांकि पहले ही दिन कर्मचारियों को भीषण गर्मी, गलत लोकेशन और बंद पड़े फोन नंबर की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा।
अमर उजाला ने जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से दिए गए अपॉइंटमेंट लेटर और गूगल मैप लोकेशन में सही मैपिंग नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर लोकेशन गलत दिखाई दे रही है, जिससे संबंधित क्षेत्र और मकानों को खोजने में परेशानी हो रही है। क्षेत्र ढूंढने में ही लंबा समय लग रहा है। उनका कहना है कि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे।
कर्मचारियों ने बताया कि कई बार लोगों से पूछताछ कर संबंधित व्यक्ति का नंबर लिया जाता है, लेकिन फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं होती। इससे समस्या गंभीर हो जाती है। कई घरों में लोग बाहर निकलने को तैयार नहीं होते। बाद में आने को कहते हैं। लगातार धूप और उमस में काम करने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है।
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मैपिंग में आ रही समस्या
सुपरवाइजर प्रिया सिंघल ने बताया कि कई क्षेत्रों की लोकेशन गूगल मैप पर गलत दिखाई दे रही है। मकानों तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है और रिकॉर्ड से मिलान करना मुश्किल हो रहा है।
क्षेत्र से बहुत दूर ड्यूटी
सुपरवाइजर राकेश कुमार का कहना है कि प्रगणक और सुपरवाइजर की सहायता के लिए जो नंबर दिए गए हैं वो उठते नहीं है। इसके अलावा क्षेत्र से बहुत दूर तक कार्यक्षेत्र लगा दिया गया है। इससे काफी समस्या बढ़ गई है।
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अमर उजाला ने जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से दिए गए अपॉइंटमेंट लेटर और गूगल मैप लोकेशन में सही मैपिंग नहीं हो पा रही है। कई जगहों पर लोकेशन गलत दिखाई दे रही है, जिससे संबंधित क्षेत्र और मकानों को खोजने में परेशानी हो रही है। क्षेत्र ढूंढने में ही लंबा समय लग रहा है। उनका कहना है कि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए थे।
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कर्मचारियों ने बताया कि कई बार लोगों से पूछताछ कर संबंधित व्यक्ति का नंबर लिया जाता है, लेकिन फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं होती। इससे समस्या गंभीर हो जाती है। कई घरों में लोग बाहर निकलने को तैयार नहीं होते। बाद में आने को कहते हैं। लगातार धूप और उमस में काम करने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है।
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मैपिंग में आ रही समस्या
सुपरवाइजर प्रिया सिंघल ने बताया कि कई क्षेत्रों की लोकेशन गूगल मैप पर गलत दिखाई दे रही है। मकानों तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है और रिकॉर्ड से मिलान करना मुश्किल हो रहा है।
क्षेत्र से बहुत दूर ड्यूटी
सुपरवाइजर राकेश कुमार का कहना है कि प्रगणक और सुपरवाइजर की सहायता के लिए जो नंबर दिए गए हैं वो उठते नहीं है। इसके अलावा क्षेत्र से बहुत दूर तक कार्यक्षेत्र लगा दिया गया है। इससे काफी समस्या बढ़ गई है।