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सीडीओ ने बीएसए के खिलाफ क्यों शुरू की जांच
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मैनपुरी। शासन के आदेश पर बीएसए के खिलाफ संस्थित (जांच बैठाई गई) की गई जांच में मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने काम शुरू कर दिया है। बीएसए को नोटिस जारी कर जवाब मांगने के बाद अब जांच आगे बढ़ने लगी है। प्रथम चरण में शिक्षकों से जुड़े आरोपों के सत्यापन के लिए शिक्षकों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बीएसए विजय प्रताप सिंह पर लगे आरोपों की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा को जांच अधिकारी बनाया है। सबसे पहले मुख्य विकास अधिकारी ने बीएसए को नोटिस जारी कर आरोपों के संबंध में जवाब मांगा था। जवाब आने के बाद अब उन्होंने जांच शुरू कर दी है। सबसे पहले शिक्षकों से संबंधित आरोपों की जांच पर फोकस किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों से चाइल्ड केयर लीव, मेडिकल लीव व मेटर्निटी लीव में वसूली आदि शामिल हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इस संबंध में जांच में सहयोग करने के लिए अपने बयान दर्ज कराएं। उन्होंने ये भी विश्वास दिलाया है कि जो भी शिक्षक बयान दर्ज कराएगा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सीडीओ ने वाट्सएप ग्रुप व अन्य माध्यमों से शिक्षकों से अपील की है। वहीं बीएसए पहले ही कह चुके हैं कि सीडीओ को जो जांच सौंपी गई है, उन बिंदुओं पर एसटीएफ पहले ही जांच कर चुकी है। एसटीएफ की जांच में कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है।
शिक्षकों के बीच शुरू हुई चर्चा
सीडीओ ने बीएसए के खिलाफ चल रही जांच में बयान देने के लिए शिक्षकों को बुलाया है। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों के वाट्सग्रुप पर सूचना डाली है। इसके बाद शिक्षकों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार शिक्षक का कहना है कि आखिर कौन अपने ही विभाग के अफसर के खिलाफ जाएगा। ऐसे में सब एक दूसरे को आगे आने के लिए कह रहे हैं।
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बीएसए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। जवाब आने के बाद अब जांच शुरू की गई है। शिक्षकों से बयान देने के लिए कहा गया है। जांच में बयान दर्ज कराने वाले शिक्षकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
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जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने बीएसए विजय प्रताप सिंह पर लगे आरोपों की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा को जांच अधिकारी बनाया है। सबसे पहले मुख्य विकास अधिकारी ने बीएसए को नोटिस जारी कर आरोपों के संबंध में जवाब मांगा था। जवाब आने के बाद अब उन्होंने जांच शुरू कर दी है। सबसे पहले शिक्षकों से संबंधित आरोपों की जांच पर फोकस किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों से चाइल्ड केयर लीव, मेडिकल लीव व मेटर्निटी लीव में वसूली आदि शामिल हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इस संबंध में जांच में सहयोग करने के लिए अपने बयान दर्ज कराएं। उन्होंने ये भी विश्वास दिलाया है कि जो भी शिक्षक बयान दर्ज कराएगा उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सीडीओ ने वाट्सएप ग्रुप व अन्य माध्यमों से शिक्षकों से अपील की है। वहीं बीएसए पहले ही कह चुके हैं कि सीडीओ को जो जांच सौंपी गई है, उन बिंदुओं पर एसटीएफ पहले ही जांच कर चुकी है। एसटीएफ की जांच में कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है।
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शिक्षकों के बीच शुरू हुई चर्चा
सीडीओ ने बीएसए के खिलाफ चल रही जांच में बयान देने के लिए शिक्षकों को बुलाया है। इसके लिए उन्होंने शिक्षकों के वाट्सग्रुप पर सूचना डाली है। इसके बाद शिक्षकों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार शिक्षक का कहना है कि आखिर कौन अपने ही विभाग के अफसर के खिलाफ जाएगा। ऐसे में सब एक दूसरे को आगे आने के लिए कह रहे हैं।
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बीएसए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। जवाब आने के बाद अब जांच शुरू की गई है। शिक्षकों से बयान देने के लिए कहा गया है। जांच में बयान दर्ज कराने वाले शिक्षकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।