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जवाहर बागः आज हाईकोर्ट में प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल कर सकती है सीबीआई

Mon, 01 May 2017 09:33 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 01 May 2017 09:33 PM IST
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cbi may present primary report before allahabad high court in mathura jawahar bagh case
jawahar bagh - फोटो : amar ujala
जवाहरबाग प्रकरण पर सीबीआई आज मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। मार्च माह में हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में जांच के आदेश देते हुए डेढ़ माह में रिपोर्ट मांगी थी।
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एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव सहित 29 लोगों की मौत का कारण बनी जवाहरबाग हिंसा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इस आदेश के 24 घंटे बाद ही सीबीआई की टीम ने मथुरा में डेरा डाल दिया था।
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घटनास्थल का जायजा लेने से लेकर सम्बन्धित अफसरों से पूछताछ भी की गई। डेढ़ माह तक चली जांच पड़ताल के बाद सीबीआई मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। संभावना है कि सीबीआई विस्तृत जांच के लिए अभी और वक्त हाईकोर्ट से मांग सकती है।
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कब्जाधारियों के खिलाफ पुलिस के पास नहीं हैं गवाह

cbi may present primary report before allahabad high court in mathura jawahar bagh case
jawahar bagh
जवाहर बाग के कब्जाधारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना में पुलिस की लापरवाही सामने आने लगी है। स्थिति ये है कि एक दर्जन मुकदमों में अभी तक केवल एक केस में ही पुलिस गवाह को पेश कर पाई है। सोमवार को भी 65 कब्जाधारी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश हुए लेकिन इनके खिलाफ गवाही देने के लिए एक ही व्यक्ति पहुंचा था।  

सोमवार को आगरा की जेल से 12, अलीगढ़ से छह और मथुरा की जेल से 47 और जमानत पर रिहा चार लोग सहित कुल 69 कब्जेधारी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राधेमोहन श्रीवास्तव की अदालत में पेश हुए। इनमें चंदन बोस, उसकी पत्नी पूनम बोस, वीरेश यादव, राकेश गुप्ता, हरनाथ आदि शामिल थे। 

इन सभी पर तहसील में मारपीट करने, उद्यान कर्मचारी रामस्वरूप, देवी सिंह पर जानलेवा हमला, राया में मारपीट सहित लगभग एक दर्जन गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सोमवार को न्यायालय में पुलिस एक बार फिर गवाह के तौर पर केवल उद्यान कर्मचारी रामस्वरूप को ही पेश कर सकी। जवाहर बाग के कब्जेधारियों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि न्यायालय ने सुनवाई के लिए 20 मई तिथि तय कर दी है।

 
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