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ये कैसा अभियान: दो साल में पकड़े 10 हजार गोवंश..., फिर भी कम न हुआ आतंक

Sun, 11 Jun 2023 02:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 11 Jun 2023 02:01 PM IST
सार

गोवंश पकड़ने की कवायद 2017 से हो रही है। छह साल में नहीं बदले हालात। आलम ये  है कि पशुपालन विभाग भी लाचार नजर आ रहा है।
 

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Caught ten thousand cattle in two years yet the terror did not subside
गोवंश भिड़े। - फोटो : amar ujala

विस्तार

शहर व गांवों में छुट्टा गोवंशों का आतंक है। नगर निगम का दावा है कि 2 साल में 10 हजार से अधिक गोवंश पकड़े गए। पर, धरातल पर हालात नहीं बदले। शनिवार को सांड़ों की लड़ाई में एक युवक की मौत हो गई। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी छुट्टा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं।

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नगर निगम के पास नारायच में एक गोशाला है। यहां 1000 पशुओं को रखने की क्षमता है लेकिन 2000 से अधिक हैं। इससे व्यवस्थाएं बदहाल हैं। उधर, पशुपालन विभाग के पास 15 ब्लॉक में पांच गोशालाएं हैं। जिनमें करीब 5000 गोवंश हैं। 19वीं पशु गणना के अनुसार जिले में करीब 20 हजार गोवंश हैं। ऐसे में आश्रय स्थलों में करीब 7 से 8 हजार गोवंश हैं। बाकी गोवंश शहर की सड़कों से लेकर गांव में खेत-खलिहान तक छुट्टा घूम रहे हैं।
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जिले में एक कैटल कैचर

जिले में 15 ब्लॉक और 6 तहसील हैं। कैटल कैचर (पशु पकड़ने का वाहन) एक है। वो भी जिला पंचायत का है। नोडल विभाग पशुपालन के पास नहीं हैं। इधर, शहर के 100 वार्डों में नगर निगम के पास 7 कैटल कैचर हैं। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार का कहना है कि रोज औसतन 50 पशुओं को पकड़ा जा रहा है। फिर भी नियंत्रण नहीं हो पा रहा।


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गांव से हांक रहे शहर की ओर

शहर में ही पशुओं को पकड़ा जा रहा है जबकि गांव-देहात में कोई व्यवस्था नहीं। ऐसे में त्रस्त ग्रामीण सांड़ व गोवंश को शहर की तरफ हांक रहे हैं। फतेहाबाद रोड पर रमाडा से लेकर सेल्फी पॉइंट तक दिनभर आवारा सांड़ घूमते हैं। फतेहपुरी सीकरी रोड, रुनकता, शास्त्रीपुरम, कालिंदी विहार, ट्रांस यमुना के अलावा रोहता, सेवला रोड पर भी हजारों की तादाद में छुट्टा गोवंश घूम रहे हैं।

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