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बेरहमी: बोरे में बंद मिले 16 पिल्ले, दर्दनाक था नजारा, भाई-बहन ने बचाई जान
Tue, 22 Nov 2022 12:54 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 22 Nov 2022 12:54 PM IST
सार
कैस्पर्स होम की संस्थापक विनीता अरोड़ा ने बताया कि न्यू आगरा में 16 पिल्ले बोरी में बंद मिले थे, जिन्हें दो बच्चों ने बचाया था।
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बोरे में बंद मिले 16 पिल्ले
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
न्यू आगरा में ओम साईं सेंटर के पास कोई व्यक्ति बोरी में बंद करके 16 पिल्लों को फेंक गया था। रविवार की रात को इलाके के भाई-बहन ने बोरी में हलचल होते देखकर इसे खोला तो पिल्ले निकले। इसके बाद कैस्पर्स होम की टीम को फोन किया तो टीम ने पिल्लों को रेस्क्यू किया। सेंटर में इन नवजात पिल्लों को उनकी नई मां भी मिल गई। इसके बाद होम की टीम ने राहत की सांस ली है।
कैस्पर्स होम की संस्थापक विनीता अरोड़ा ने बताया कि न्यू आगरा में 16 पिल्ले बोरी में बंद मिले थे, जिन्हें दो बच्चों ने बचाया था। सोमवार को टीम इन्हें रेस्क्यू करके सेंटर पर लगाई तो बोतल से दूध पिलाने की कवायद में सभी वालंटियर्स जुट गए, लेकिन कई पिल्लों की आंखें भी नहीं खुली थीं। किसी ने उन बच्चों को मारने के लिए ही बोरे में बंद कर फेंका होगा। उनकी टीम बच्चों को बचाने के लिए जुट गई। बच्चों को दूध की बोतल से पाउडर वाला दूध पिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन बच्चों ने दूध नहीं पिया। ऐसे में इनके लिए मां का दूध चाहिए था।
वालंटियर्स ने पिल्लों की मां की तलाश की तो एक फीमेल डॉग मिली, जिसके बच्चे मर गए थे। उसने सभी 16 बच्चों को अपने आंचल में समेट लिया। बच्चे भी मां से चिपक गए और दूध पीने लगे। इस नजारे को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाईं।
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विनीता अरोरा ने बताया कि जिस बच्ची नताली शर्मा ने उन्हें जानकारी दी थी, उसने 16 में से एक पप्पी को गोद ले लिया है। वो एक बच्चे को अपने साथ ले गई हैं। नताली का कहना था कि वो सभी बच्चों को अपने साथ नहीं रख सकती थीं, लेकिन एक पप्पी को अपने साथ ले आई हैं।
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कैस्पर्स होम की संस्थापक विनीता अरोड़ा ने बताया कि न्यू आगरा में 16 पिल्ले बोरी में बंद मिले थे, जिन्हें दो बच्चों ने बचाया था। सोमवार को टीम इन्हें रेस्क्यू करके सेंटर पर लगाई तो बोतल से दूध पिलाने की कवायद में सभी वालंटियर्स जुट गए, लेकिन कई पिल्लों की आंखें भी नहीं खुली थीं। किसी ने उन बच्चों को मारने के लिए ही बोरे में बंद कर फेंका होगा। उनकी टीम बच्चों को बचाने के लिए जुट गई। बच्चों को दूध की बोतल से पाउडर वाला दूध पिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन बच्चों ने दूध नहीं पिया। ऐसे में इनके लिए मां का दूध चाहिए था।
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वालंटियर्स ने पिल्लों की मां की तलाश की तो एक फीमेल डॉग मिली, जिसके बच्चे मर गए थे। उसने सभी 16 बच्चों को अपने आंचल में समेट लिया। बच्चे भी मां से चिपक गए और दूध पीने लगे। इस नजारे को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाईं।
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