पांच करोड़ की ठगी: मछली पालन के नाम पर छह राज्यों के किसान हुए शिकार, आगरा में मुकदमा दर्ज
आगरा में 92 किसानों से ठगी का मामला सामने आया है। इन किसानों से मछली पालन में रकम दोगुनी का झांसा देकर रुपये लिए गए। ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने थाना सदर में शिकायत की। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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आगरा जनपद में मछली पालन के नाम पर पांच करोड़ से अधिक की ठगी की गई है। आरोपियों ने दोगुना मुनाफे का लालच दिया था। थाना सदर में 92 पीड़ितों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया है।
आगरा के डिफेंस कॉलोनी निवासी हरिपाल सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने 11 लाख रुपये लिए थे। उन्होंने तालाब की खोदाई करा ली। इसमें पानी का खर्च कंपनी ने उठाने की बात कही थी। मगर, शर्त रखी थी कि मछली डालने के बाद ही खर्च दिया जाएगा।
'सिर्फ दो किस्त आईं'
45 दिनों में तालाब तैयार होने के बाद कंपनी खाते में 74000 या 37500 रुपये देगी। इस कारण उन्हें तालाब तैयार करने में हुए पानी का खर्च खुद ही उठाना पड़ा था। इसके बाद चौकीदार भी रखा था। पानी और चौकीदार पर हर महीने 12 हजार रुपये खर्च हो रहे थे। दो किस्त आई थी।
इसके बाद किस्त आना बंद हो गईं। तब से वो भटक रहे थे। एसएसपी ऑफिस में शिकायत के बाद थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। उनके साथ 91 पीड़ितों ने भी थाना सदर में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि तकरीबन पांच करोड़ की धोखाधड़ी की गई है।
थाना सदर के एसएसआई सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मुकदमे में पीड़ितों के प्रार्थनापत्रों को शामिल किया जाएगा। सभी से धोखाधड़ी से संबंधित साक्ष्य लिए जाएंगे। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
छह राज्यों के किसान हुए ठगी के शिकार
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि कंपनी के कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के किसानों को अपना शिकार बनाया। उनसे बोला गया था कि मछली पालन में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा।
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, राजगढ़, धार, सागर आदि जिलों में ठगी की गई थी। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी कंपनी के सीएमडी बिजेंद्र कश्यप को चार दिसंबर को गुरुग्राम से पकड़ लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि आरोपी ने अपने दोस्त विनय शर्मा के साथ मिलकर कंपनी बनाई थी। उसे कंपनी में सीईओ बनाया था।
कर्ज लेकर कंपनी को दी थी रकम
सेवला के रहने वाले डॉ. रामअवतार, शाहगंज के राजेंद्र आदि ने कंपनी की स्कीम की जानकारी होने पर रकम जुटाई थी। कर्ज भी लिया था। इसके बाद 11-11 लाख रुपये जमा करा दिए थे। कर्ज देने वाले घरों के चक्कर लगा रहे हैं। इसी तरह से कागारौली, सैंया, सदर, शमसाबाद, इरादतनगर, सिकंदरा, डौकी आदि के पीड़ितों के साथ हुआ है।