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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Captain Shubham Gupta Martyr Army Man Told Inside Story encounter with terrorists in Rajouri Jammu And Kashmir

आतंकियों से मुठभेड़ की रात: घना जंगल और आसमान में धुंध, साथियों ने बताया कैसे शुभम ने लिया लोहा और पाई वीरगति

Sat, 25 Nov 2023 09:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देश दीपक तिवारी, आगरा
देश दीपक तिवारी, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 25 Nov 2023 09:13 AM IST
सार

कैप्टन शुभम गुप्ता के साथियों ने बताया कि राजोरी में उस रात क्या हुआ था। बताया कि किस तरह दुर्गम पहाड़ी इलाके में सेना की टुकड़ी गई। अंधेरी रात, घना जंगल और आसमान में छाई धुंध के बीच आतंकी पहले से घात लगाए बैठे थे।

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Captain Shubham Gupta Martyr Army Man Told Inside Story encounter with terrorists in Rajouri Jammu And Kashmir
आतंकियों से मुठभेड़ की वो रात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Captain Shubham Gupta: दुर्गम इलाका, घना जंगल। आसमान में छाई धुंध और पहाड़ों पर घात लगाए आतंकी। मुखबिर की सूचना पर सैन्य टुकड़ी ने जैसे ही आतंकियों से लड़ने के लिए मोर्चा संभाला, आतंकियों ने फायर करने शुरू कर दिए। पहले कैप्टन प्रांजल को गोली लगी। फिर मेजर घायल हुए। जिसके बाद कैप्टन शुभम गुप्ता ने मोर्चा संभाला। वहां फंसे बच्चों व महिलाओं को बचाने में शुभम ने वीरगति पाई।

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शुभम ने पैरा कमांडो की बेसिक ट्रेनिंग 2020 में की, लेकिन घातक कमांडो की ट्रेनिंग छह महीने पहले ही बेलगाम में प्राप्त की थी। जिसके बाद उन्हें जम्मू कश्मीर में तैनाती मिली। सैन्य सूत्रों के अनुसार राजोरी के जिस इलाके में कैप्टन शुभम गुप्ता ने वीरगति पाई, वहां भारतीय नागरिक भी फंसे हुए थे।
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सबसे पहले राष्ट्रीय राइफल्स के कैप्टन प्रांजल वहां पहुंचे। पहाड़ों में छिपे आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाया। कैप्टन प्रांजल के पीछे स्पेशल फोर्स 9 पैरा के मेजर डीएस मेहरा मुठभेड़ क्षेत्र में पहुंचे। मेजर भी घायल हो गए। जिन्हें कवर करते हुए कैप्टन शुभम गुप्ता ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
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मुठभेड़ क्षेत्र में आगे जाने के लिए शुभम ने कोशिश की। तभी कैप्टन व उनकी टुकड़ी की नजर उस क्षेत्र में फंसे दो बच्चों, महिला व एक पुरुष पर गई। जिन्हें बचाने के लिए उन्होंने सैन्य प्रतिबद्धता दिखाई। शुभम ने आतंकियों से डटकर लोहा लिया।

अदम्य साहस का परिचय देते हुए शुभम ने आतंकियों की गाेलियों का जवाब गोलियों से देना शुरू किया। पहाड़ों में घात लगाए छिपकर बैठे आतंकियों की गोली अचानक शुभम का सीना भेद गई। शुभम वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने देश सेवा के उच्च मापदंडों का पालन करते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

पाकिस्तान ने ड्रोन से गिराए थे हथियार
जम्मू कश्मीर के राजोरी में जिस जगह मुठभेड़ हुई वहां पाकिस्तान ने ड्रोन से आतंकियों के लिए हथियार गिराए थे। अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल आतंकियों ने सैन्य जवानों पर किया। सैन्य सूत्रों ने बताया कि कई दिनों से आतंकी दुर्गम इलाके में घात लगाए हुए थे। सेना की स्पेशल फोर्स को मुखबिर से जब यह खबर मिली तो सेना ने आतंकियों की घेराबंदी शुरू की। अपने मेजर की अगुवाई में कैप्टन शुभम सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे।

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