Agra: 14 साल बाद दौरेठा में सजेगी भीम नगरी, कैबिनेट मंत्री पास कराएंगी प्रस्ताव, नए कार्यों का होगा सर्वे
14 साल बाद फिर अप्रैल 2023 में दौरेठा क्षेत्र में भीम नगरी सजेगी। इससे पहले सड़क और नालियां बनेंगी। 40 कॉलोनियों को नारकीय हालातों से मुक्ति मिलेगी।
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आगरा के दौरेठा से कलवारी तक नारकीय हालातों से जूझ रहीं 40 कॉलोनियों के लोगों ने सोमवार को क्षेत्रीय भाजपा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य से सुबह उनके आवास पर मुलाकात की। शाम 5 बजे सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री ने कमिश्नर, डीएम व प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से वार्ता कर सड़क निर्माण के लिए 7.82 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराने और डीएम ने दौरेठा क्षेत्र में नए कार्यों के लिए सर्वे कराने की बात कही है। लोग जलभराव से निजात और 13 साल से अधूरी पड़ी 100 फुट चौड़ी सड़क निर्माण चाहते हैं।
14 साल बाद फिर अप्रैल 2023 में दौरेठा क्षेत्र में भीम नगरी सजेगी। इससे पहले सड़क और नालियां बनेंगी। 40 कॉलोनियों को नारकीय हालातों से मुक्ति मिलेगी। 2009 में भीम नगरी सजी थी। तब विकास प्राधिकरण ने 2.3 किमी. लंबी सड़क को 900 मीटर बनाकर छोड़ दिया था। 13 साल से अधूरी सड़क के कारण क्षेत्र में जलभराव से 50 हजार आबादी प्रभावित है।
प्रभावित क्षेत्रों के 150 से अधिक लोग कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य से सुबह 10 बजे उनके आवास पर मिलने पहुंचे। वह इस क्षेत्र से भाजपा से 2022 में विधायक चुनी गई हैं। क्षेत्रीय लोगों ने समस्या बताई। जिसके बाद शाम 5 बजे सर्किट हाउस में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कमिश्नर अमित गुप्ता और डीएम नवनीत सिंह चहल के साथ दौरेठा के प्रतिनिधिमंडल संग बैठक की। प्रतिनिधिमंडल में भीम नगरी समिति के बोहरन सिंह, प्रहलाद सिंह चाहर, प्रशांत सिकरवार, वीरू चौधरी, वीर सिंह कोरवाल एवं राजेंद्र सिंह ने शामिल रहे।
जिलाधिकारी नवनीत चहल ने बताया कि 7.82 करोड़ रुपये का प्रस्ताव मई माह में शासन को भेजा गया है। अन्य नए कार्यों के लिए दोबारा क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव के स्वीकृत कराने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता की बात कही है। वहीं, क्षेत्रीय निवासी प्रह्लाद सिंह चाहर ने बताया कि एक सप्ताह तक सर्वे व नए कार्यों क्या-क्या होंगे उनका इंतजार करेंगे। प्रशासन का सहयोग करेंगे। समस्या हल नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। पिछले दिनों प्रभावित लोगों ने कॉलोनियों के नाम बदल कर नरकपुरी, बदबू बिहार, गंदगी पुरम रख दिए थे। जिनके पोस्टर क्षेत्र में चस्पा होने के बाद मामला सुर्खियों में आया।