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मथुरा: कैबिनेट मंत्री ने दी चेतावनी, गन्ना किसानों के भुगतान न करने वाले मिल संचालकों पर होगी एफआईआर
Thu, 05 May 2022 07:34 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 05 May 2022 07:34 PM IST
सार
गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने गन्ना किसानों का भुगतान न किये जाने पर मिल संचालकों पर एफआईआर करने की चेतावनी दी है। साथ ही कहा कि किसानों को प्राथमिकता दी जाए।
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कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के कोसीकलां में प्रदेश के गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि मौजूदा पेराई सत्र के बकाया गन्ना मूल्य का किसानों को जल्द भुगतान करवाया जाए। इसके लिए सभी चीनी मिलें किसानों को प्राथमिकता दें। भुगतान न करने वाले मिल संचालकों पर एफआईआर दर्ज होगी।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार चीनी मिलों को समय से भुगतान करने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान कर रही है, ऐसी स्थिति में चीनी मिलों को भी किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गन्ना मूल्य भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि पेराई सत्र 2021-22 के कुल देय गन्ना मूल्य का लगभग 75 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान अब तक किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि बाकी गन्ना मूल्य का चीनी मिलों को त्वरित गति से भुगतान करना होगा, जो चीनी मिलें गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान नहीं करेंगी, उनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम में एफआईआर दर्ज कराते हुए बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी किए जाने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त भुगतान में लापरवाह चीनी मिलों को आवंटित गन्ने में भी कटौती की जाएगी।
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गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि चीनी मिलें टैगिंग आदेश का अक्षरश: अनुपालन करें, कोई भी मिल चीनी की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि का इस्तेमाल किसी और मद में करती हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को अमर उजाला से बातचीत में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार चीनी मिलों को समय से भुगतान करने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान कर रही है, ऐसी स्थिति में चीनी मिलों को भी किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गन्ना मूल्य भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि पेराई सत्र 2021-22 के कुल देय गन्ना मूल्य का लगभग 75 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान अब तक किया जा चुका है।
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उन्होंने कहा कि बाकी गन्ना मूल्य का चीनी मिलों को त्वरित गति से भुगतान करना होगा, जो चीनी मिलें गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान नहीं करेंगी, उनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम में एफआईआर दर्ज कराते हुए बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी किए जाने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त भुगतान में लापरवाह चीनी मिलों को आवंटित गन्ने में भी कटौती की जाएगी।
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गन्ना विकास व चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि चीनी मिलें टैगिंग आदेश का अक्षरश: अनुपालन करें, कोई भी मिल चीनी की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि का इस्तेमाल किसी और मद में करती हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।