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Agra: मोबाइल नंबर पोर्ट कराया... अपराधियों ने जारी करा लिया क्रेडिट कार्ड, 5.60 लाख रुपये की हो गई ठगी
Sun, 09 Jun 2024 07:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 09 Jun 2024 07:51 AM IST
सार
आगरा में एक युवक से मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के चक्कर में क्रेडिट कार्ड से 5.60 लाख की ठगी हो गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराई है।
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ठगी
- फोटो : Istock
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विस्तार
आगरा के केदार नगर में रहने वाले कमल के खाते से 5.60 लाख रुपये की ठगी हो गई। क्रेडिट कार्ड बनाने का झांसा देकर मोबाइल नंबर पोर्ट कर वारदात को अंजाम दिया गया।
कमल ने पुलिस को बताया कि क्रेडिट कार्ड बनाने के बहाने आरोपी घर आया। मोबाइल मांगा और नंबर पोर्ट कर लिया। दो दिन बाद दूसरी सिम जारी कराया। उस सिम से 5.60 लाख लिमिट का क्रेडिट कार्ड जारी करा लिया।
कमल ने पुलिस को बताया कि वह मोबाइल शॉप संचालक हैं। 28 मई को उनके पास एयू बैंक से क्रेडिट कार्ड के लिए फोन आया। क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए उन्होंने फोन करने वाले शख्स ऋषभ को घर बुलाया। घर आकर ऋषभ ने उनका मोबाइल मांगा।
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मोबाइल देते ही उसने पानी पिलाने के लिए कहा। वह पानी लेने गया, तब तक उसके मोबाइल से पोर्ट कोड के माध्यम से मैसेज कर दिया। दो दिन बाद नंबर किसी और के पास पहुंच गया। उस मोबाइल नंबर से पहले एयू बैंक का क्रेडिट कार्ड बनाया। जिससे 5.60 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है।
कमल ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल नंबर से दूसरा क्रेडिट कार्ड भी जारी करा लिया है। उसने बताया कि वह शिकायत लेकर पहले शाहगंज थाने गया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। फिर साइबर क्राइम सेल पुलिस लाइन में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, दो दिन चक्कर काटने के बाद भी पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई।
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कमल ने पुलिस को बताया कि क्रेडिट कार्ड बनाने के बहाने आरोपी घर आया। मोबाइल मांगा और नंबर पोर्ट कर लिया। दो दिन बाद दूसरी सिम जारी कराया। उस सिम से 5.60 लाख लिमिट का क्रेडिट कार्ड जारी करा लिया।
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कमल ने पुलिस को बताया कि वह मोबाइल शॉप संचालक हैं। 28 मई को उनके पास एयू बैंक से क्रेडिट कार्ड के लिए फोन आया। क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए उन्होंने फोन करने वाले शख्स ऋषभ को घर बुलाया। घर आकर ऋषभ ने उनका मोबाइल मांगा।
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मोबाइल देते ही उसने पानी पिलाने के लिए कहा। वह पानी लेने गया, तब तक उसके मोबाइल से पोर्ट कोड के माध्यम से मैसेज कर दिया। दो दिन बाद नंबर किसी और के पास पहुंच गया। उस मोबाइल नंबर से पहले एयू बैंक का क्रेडिट कार्ड बनाया। जिससे 5.60 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है।
कमल ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल नंबर से दूसरा क्रेडिट कार्ड भी जारी करा लिया है। उसने बताया कि वह शिकायत लेकर पहले शाहगंज थाने गया। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। फिर साइबर क्राइम सेल पुलिस लाइन में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, दो दिन चक्कर काटने के बाद भी पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई।