आगरा: पड़ोसी के कुत्तों से परेशान व्यापारी का परिवार घर में कैद, थाना ताजगंज में दर्ज कराया मुकदमा
पार्श्वनाथ पंचवटी कॉलोनी निवासी व्यापारी का परिवार अपने पड़ोसी के कुत्तों से परेशान है। व्यापारी ने पड़ोसी द्वारा कुत्ते पालने के पीछे साजिश का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है।
विस्तार
आगरा में एक व्यापारी परिवार ने अपने पड़ोसी के कुत्तों से परेशान होकर मुकदमा दर्ज कराया है। परिवार का आरोप है कि डुप्लेक्स की दूसरी मंजिल पर रहने वाले परिवार ने छत पर जाने से रोकने के लिए दो कुत्ते पाल रखे हैं। सीढ़ियों पर भी कुत्ते खुले छोड़ देता है, जिससे वह अपने फ्लैट में नहीं जा पाते हैं। इस कारण वो परिवार सहित फ्लैट से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू कर दी है।
पार्श्वनाथ पंचवटी कॉलोनी निवासी वीरेश यादव ने मुकदमा दर्ज कराते हुए लिखा कि वह डुप्लेक्स के भूतल और प्रथम तल पर रहते हैं। द्वितीय तल पर विजेंद्र सिंह और मनमीत रहते हैं। उन्होंने दो कुत्ते पाल रखे हैं। आरोप लगाया कि कुत्तों को पालने के पीछे साजिश है। यह कुत्ते छत और सीढ़ियों पर खुले रखे जाते हैं, जिससे वो (वीरेश) छत और अपने फ्लैट में नहीं जा सकें।
पड़ोसी पर मारपीट करने का आरोप
वीरेश ने इसकी शिकायत कई बार देखरेख करने वाली कंपनी और पंचवटी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन से की। चार दिसंबर 2021 को पड़ोसी से इस बारे में कहा था। मगर, उन्होंने मारपीट कर दी। जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत एसएसपी से 28 दिसंबर 2021 को की।
कार चालक को कुत्ते ने काटा
वीरेश का कहना है कि 31 दिसंबर को पड़ोसी ने अपने कुत्तों को सीढ़ियों पर छोड़ दिया था। उस समय उनके ऑफिस जाने का समय हो रहा था। उनका कार चालक प्रमोद उनको लेने आया था। तभी उसे और एक अन्य को कुत्ते ने काट लिया। इस घटना के बाद से वीरेश का परिवार दहशत में है। वो घर से नहीं निकल पा रहे हैं। पीड़ित ने कार्रवाई की गुहार लगाई है।
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार बालियान का कहना है कि विजेंद्र सिंह और मनमीत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। दोनों का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कुत्ते पालते हैं। छत और फ्लैट में आने जाने से वो क्यों रोकेंगे।
पहले भी मिली थी शिकायत
थाना ताजगंज में कुत्तों से परेशान होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक मुकदमा पड़ोसी के खिलाफ दर्ज कराया गया था। सिपाही ने पड़ोसी के कुत्तों से परेशान होकर थाना में शिकायत की थी। सिपाही का पड़ोसी बेसहारा कुत्तों को खाना-पीना देता था।