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अंधेरगर्दी : तालाबों पर बन गईं इमारतें-धर्मशाला और पंचायतघर
Mon, 19 Oct 2020 12:42 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 19 Oct 2020 12:42 AM IST
सार
प्रयागराज उच्च न्यायालय से जनहित याचिका 1474/2019 में पारित आदेश का पालन कराने के लिए शहर व देहात में जिला प्रशासन
ने तालाबों का भौतिक सत्यापन कराया है। सरकारी अभिलेखों में सन 1952 से सदर तहसील में 450 तालाब दर्ज हैं। सत्यापन में प्रशासन को 406 तालाब मिले हैं, बाकी 44 पर अतिक्रमण हैं।
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तालाबों पर बन गईं इमारतें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अफसर आंख मूंदकर सोते रहे, तालाबों पर धर्मशाला, पंचायत घर और इमारतें बनती रहीं। उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए जब जांच हुई, तो हकीकत सामने आई। जांच में 450 में से 44 तालाबों की 27213 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे मिले हैं।
प्रयागराज उच्च न्यायालय से जनहित याचिका 1474/2019 में पारित आदेश का पालन कराने के लिए शहर व देहात में जिला प्रशासन ने तालाबों का भौतिक सत्यापन कराया है। सरकारी अभिलेखों में सन 1952 से सदर तहसील में 450 तालाब दर्ज हैं। सत्यापन में प्रशासन को 406 तालाब मिले हैं, बाकी 44 पर अतिक्रमण हैं।
संबंधित खबर- आगराः भूमाफिया ने सैकड़ों साल पुराने तालाब की जमीन पर बना दी इमारत, अधिकारियों ने शुरू की जांच
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प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक शाहगंज स्थित डीसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने करीब पांच हजार वर्ग मीटर की सैकड़ों साल पुरानी तलैया पर इमारतें खड़ी हो गईं। इसमें ऊपर 70 से ज्यादा फ्लैट और नीचे 40 से अधिक दुकानें बन गई हैं। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक प्रताप सिंह ने बताया जांच के बाद इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है।
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प्रयागराज उच्च न्यायालय से जनहित याचिका 1474/2019 में पारित आदेश का पालन कराने के लिए शहर व देहात में जिला प्रशासन ने तालाबों का भौतिक सत्यापन कराया है। सरकारी अभिलेखों में सन 1952 से सदर तहसील में 450 तालाब दर्ज हैं। सत्यापन में प्रशासन को 406 तालाब मिले हैं, बाकी 44 पर अतिक्रमण हैं।
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प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक शाहगंज स्थित डीसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने करीब पांच हजार वर्ग मीटर की सैकड़ों साल पुरानी तलैया पर इमारतें खड़ी हो गईं। इसमें ऊपर 70 से ज्यादा फ्लैट और नीचे 40 से अधिक दुकानें बन गई हैं। क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक प्रताप सिंह ने बताया जांच के बाद इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है।
केदार नगर में राजकमल इंटर कॉलेज के पास भी पुराने तालाब पर आबादी बस चुकी है। यहां पंचायत घर और मकान बन चुके हैं। बमरौली कटारा के पास हिगोट खेड़िया गांव में गाटा संख्या 231 में 123 वर्ग मीटर जमीन पर अर्जुन सिंह पुत्र नत्थीलाल का मकान बना है। इसी गांव में गाटा संख्या 400 में 340 वर्ग मीटर भूमि पर पंचायत घर व टीटीएसपी टंकी बनी हुई है। पवावली गांव में भी तालाब पर पंचायत घर बना है। धनौली में गाटा संख्या 387 में 120 वर्ग मीटर पर पंचायत घर खड़ा है।
अकोला में गाटा सख्या 406 पर 1040 वर्ग मीटर तालाब भूमि पर धर्मशाला बनी है। इस तरह 44 तालाबों की 27,213 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध निर्माण व कब्जे हैं। इनमें 22 तालाबों पर आबादी बसी है, जबकि 22 तालाबों पर कहीं सर्विस रोड, तो कहीं अतिक्रमण है।
शहर के 27 तालाबों का सत्यापन अधूरा
सदर तहसील प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में आने वाले 27 तालाबों की सूची नगर निगम को सौंपी है। निगम को इनका भौतिक सत्यापन कर उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करना है, लेकिन इन तालाबों का अभी तक सत्यापन नहीं किया गया। सरकारी रिकॉर्ड में इन 27 तालाबों का 20,156 वर्ग मीटर क्षेत्रफल दर्ज है।
ध्वस्त होंगे निर्माण, करेंगे बेदखल
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मोली ने बताया जिन तालाबों पर अवैध निर्माण, कब्जे व अतिक्रमण हैं वहां कब्जेदारों को मुकदमा नोटिस भेजे जाएंगे। राजस्व संहिता की धारा 167/1 के तहत उन्हें जमीन से बेदखल किया जाएगा। अवैध निर्माणों को पुलिस फोर्स की सहायता से ध्वस्त करेंगे।
अकोला में गाटा सख्या 406 पर 1040 वर्ग मीटर तालाब भूमि पर धर्मशाला बनी है। इस तरह 44 तालाबों की 27,213 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध निर्माण व कब्जे हैं। इनमें 22 तालाबों पर आबादी बसी है, जबकि 22 तालाबों पर कहीं सर्विस रोड, तो कहीं अतिक्रमण है।
शहर के 27 तालाबों का सत्यापन अधूरा
सदर तहसील प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में आने वाले 27 तालाबों की सूची नगर निगम को सौंपी है। निगम को इनका भौतिक सत्यापन कर उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करना है, लेकिन इन तालाबों का अभी तक सत्यापन नहीं किया गया। सरकारी रिकॉर्ड में इन 27 तालाबों का 20,156 वर्ग मीटर क्षेत्रफल दर्ज है।
ध्वस्त होंगे निर्माण, करेंगे बेदखल
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एम अरुन्मोली ने बताया जिन तालाबों पर अवैध निर्माण, कब्जे व अतिक्रमण हैं वहां कब्जेदारों को मुकदमा नोटिस भेजे जाएंगे। राजस्व संहिता की धारा 167/1 के तहत उन्हें जमीन से बेदखल किया जाएगा। अवैध निर्माणों को पुलिस फोर्स की सहायता से ध्वस्त करेंगे।