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प्रमोशन के दो घंटे बाद बसपा ने इस नेता को पार्टी से निकाला, हाईकमान के फैसले से समर्थक हैरान
Mon, 04 Mar 2019 12:26 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 04 Mar 2019 12:26 PM IST
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बसपा में कब किस पर गाज गिर जाए, इसका एक और नमूना रविवार को दिखा। लखनऊ में पार्टी अध्यक्ष मायावती की बैठक में चार बजे मंडल जोन इंचार्ज बनाकर आगरा की जिम्मेदारी डॉ. भारतेंदु अरुण को दी गई, लेकिन शाम 6 बजे उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। पार्टी में प्रमोशन पर बधाइयों को स्वीकार कर रहे डॉ. अरुण के लखनऊ से आगरा पहुंचने से पहले ही उनके निष्कासन की खबर भेज दी गई।
बसपा में स्थानीय संगठन में लगातार फेरबदल जारी है। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. भारतेंदु अरुण को रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में आगरा का मंडल जोन इंचार्ज बनाकर प्रमोशन दिया गया, लेकिन दो घंटे के अंदर ही पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। उन्हें 18 जनवरी को जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया था, लेकिन 18 फरवरी को मंडल इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
लखनऊ में रविवार को हुई बैठक में आगरा मंडल जोन इंचार्ज के रूप में डा. भारतेंदु अरुण, संतोष आनंद और सत्य प्रकाश कर्दम को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन अब डा. अरुण को पार्टी से निकालने के बाद उनकी जगह मुनकाद अली को आगरा में लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक आगरा सुरक्षित लोकसभा सीट के प्रभारी बनाए गए मनोज सोनी की शिकायत पर बसपा अध्यक्ष ने दो घंटे के अंदर अपना फैसला पलटा है।
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बसपा में स्थानीय संगठन में लगातार फेरबदल जारी है। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. भारतेंदु अरुण को रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में आगरा का मंडल जोन इंचार्ज बनाकर प्रमोशन दिया गया, लेकिन दो घंटे के अंदर ही पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। उन्हें 18 जनवरी को जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया था, लेकिन 18 फरवरी को मंडल इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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लखनऊ में रविवार को हुई बैठक में आगरा मंडल जोन इंचार्ज के रूप में डा. भारतेंदु अरुण, संतोष आनंद और सत्य प्रकाश कर्दम को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन अब डा. अरुण को पार्टी से निकालने के बाद उनकी जगह मुनकाद अली को आगरा में लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक आगरा सुरक्षित लोकसभा सीट के प्रभारी बनाए गए मनोज सोनी की शिकायत पर बसपा अध्यक्ष ने दो घंटे के अंदर अपना फैसला पलटा है।
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सुनील चित्तौड़ का बढ़ाया कद, सेक्टर प्रभारी बनाए
बसपा से निष्कासित होने के बाद डॉ. भारतेंदु अरुण ने कहा, 'मैं पार्टी और मिशन का समर्पित कार्यकर्ता हूं। बहनजी ने जो आदेश दिया है, उसका पालन होगा। पार्टी में रहूं या ना रहूं, मिशन को आगे बढ़ाने के काम में जुटा रहूंगा'।
बसपा ने रविवार को लखनऊ की बैठक में संगठन में बड़ा बदलाव किया। पूरे प्रदेश को संगठनात्मक रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। इन्हें पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी सेक्टर का नाम दिया गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड सेक्टर की जिम्मेदारी अब तक आगरा, अलीगढ़ और मिर्जापुर-इलाहाबाद जोन के मुख्य जोन इंचार्ज रहे एमएलसी सुनील कुमार चित्तौड़ को दी है। प्रदेश के 18 मंडलों में से 9 मंडलों की जिम्मेदारी चित्तौड़ के पास रहेगी। एक बार फिर से उनका कद बढ़ाया गया है। इस सेक्टर में उनके साथ शमशुद्दीन राइन और नरेश गौतम भी होंगे।
'संगठन में बदलाव कर चुनाव के लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। अनुशासनहीन और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। हर कार्यकर्ता प्रत्याशियों को जिताने में जुट जाए'- सुनील चित्तौड़, पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड सेक्टर प्रभारी
बसपा ने रविवार को लखनऊ की बैठक में संगठन में बड़ा बदलाव किया। पूरे प्रदेश को संगठनात्मक रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। इन्हें पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी सेक्टर का नाम दिया गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड सेक्टर की जिम्मेदारी अब तक आगरा, अलीगढ़ और मिर्जापुर-इलाहाबाद जोन के मुख्य जोन इंचार्ज रहे एमएलसी सुनील कुमार चित्तौड़ को दी है। प्रदेश के 18 मंडलों में से 9 मंडलों की जिम्मेदारी चित्तौड़ के पास रहेगी। एक बार फिर से उनका कद बढ़ाया गया है। इस सेक्टर में उनके साथ शमशुद्दीन राइन और नरेश गौतम भी होंगे।
'संगठन में बदलाव कर चुनाव के लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। अनुशासनहीन और निष्क्रिय कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है। हर कार्यकर्ता प्रत्याशियों को जिताने में जुट जाए'- सुनील चित्तौड़, पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड सेक्टर प्रभारी