{"_id":"6927c1ceefce4ac98109d148","slug":"breastfeeding-reduces-cancer-risk-vaccination-ensures-child-safety-2025-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Health News: 6 माह तक के शिशु को कराएं स्तनपान, कैंसर का खतरा भी कम...चिकित्सकों ने दी ये सलाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Health News: 6 माह तक के शिशु को कराएं स्तनपान, कैंसर का खतरा भी कम...चिकित्सकों ने दी ये सलाह
Thu, 27 Nov 2025 08:43 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 27 Nov 2025 08:43 AM IST
सार
भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी ने नवजात शिशु सप्ताह के तहत जागरूक किया। इस दौरान चिकित्सकों ने नियमित टीकाकरण और साफ सफाई के लिए भी जोर दिया।
विज्ञापन
भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी (आईएपी) ने दिल्ली गेट स्थित अस्पताल में नवजात शिशु सप्ताह मनाया। इसमें चिकित्सकों ने महिलाओं को स्तनपान, टीकाकरण और पौष्टिक आहार के बारे में जागरूक किया।
अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि स्तनपान करने से स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है। शिशु को भी जरूरी पौष्टिक आहार मिलता है। उसका शारीरिक और मानसिक विकास भी तेजी से विकसित होता है। सचिव डॉ राहुल पैंगोरिया ने बच्चों के नियमित टीकाकरण पर जोर दिया। कहा कि टीकाकरण से बीमारियों से बचाव होता है।
डॉ. संजय सक्सेना और डॉ. स्वाति द्विवेदी ने कहा कि 6 माह तक के शिशु को सिर्फ स्तनपान कराया जाना चाहिए। इसके बाद चिकित्सक के परामर्श से पौष्टिक आहार देना चाहिए। डॉ. पल्लवी और डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि बच्चों को कुछ भी खिलाने- पिलाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि स्तनपान करने से स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है। शिशु को भी जरूरी पौष्टिक आहार मिलता है। उसका शारीरिक और मानसिक विकास भी तेजी से विकसित होता है। सचिव डॉ राहुल पैंगोरिया ने बच्चों के नियमित टीकाकरण पर जोर दिया। कहा कि टीकाकरण से बीमारियों से बचाव होता है।
विज्ञापन
डॉ. संजय सक्सेना और डॉ. स्वाति द्विवेदी ने कहा कि 6 माह तक के शिशु को सिर्फ स्तनपान कराया जाना चाहिए। इसके बाद चिकित्सक के परामर्श से पौष्टिक आहार देना चाहिए। डॉ. पल्लवी और डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि बच्चों को कुछ भी खिलाने- पिलाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन