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40 लाख के ई स्टांप खरीदे, आधार-पैन कार्ड तक फर्जी

Tue, 31 Aug 2021 01:56 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 01:56 AM IST
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Bought e-stamps worth 40 lakhs, fake till Aadhar-Pan card
आगरा। संजय प्लेस स्थित आईसीआईसीआई बैंक की शाखा से पांच करोड़ का लोन लेने वाले गैंग का मास्टरमाइंड आर्यन उर्फ अमित एसटीएफ की पकड़ से दूर है। हालांकि गिरफ्तार आरोपी अरुण पाराशर और संदीप शर्मा से कई अहम जानकारी मिली है। बैंक से लोन लेने के लिए आरोपियों ने 40 लाख रुपये के ई स्टांप खरीद रखे थे। इन पर रजिस्ट्रार की फर्जी मुहर लगाकर बैंक में प्रस्तुत करते थे। इसके बाद जमीन बेचने वाले से लेकर खरीदने वाला तक फर्जी होता था। आधार और पैन कार्ड पर फोटो और पते भी बदल देते थे, जिससे फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आता था।
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एसटीएफ ने रविवार रात को संजय प्लेस स्थित कपड़ा मार्केट से नगला अजीता निवासी अरुण पाराशर और संदीप शर्मा को गिरफ्तार किया था। उनसे 4.89 लाख रुपये, कार, फर्जी रजिस्ट्री, मुहरें, एडीए, शिक्षा, पुलिस, सेना के फार्म बरामद हुए थे। मास्टरमाइंड आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी आर्यन उर्फ अमित कुमार अभी फरार है। उसकी तलाश एसटीएफ कर रही है।
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एसटीएफ आगरा इकाई के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आर्यन के अलावा नीरज, पिंकी उर्फ निशांत और मनोज के नाम सामने आए हैं। आर्यन बैंक से आधार और पैन कार्ड निकालकर लाता था। इसके बाद निशांत, मनोज और अरुण को देता था। वो आधार-पैन कार्ड पर फोटो और पता बदलते थे। इसके बाद बैंक में खाता खुलवाते थे। लोन के लिए आवेदन करते थे। सत्यापन के लिए टीम के आने पर कोई जमीन दिखा देते थे। एक व्यक्ति खुद को जमीन विक्रेता बताता था तो दूसरा जमीन खरीदार फौज में होना दर्शाता था। रजिस्ट्री के स्टांप पर फर्जी मुहर लगाकर बैंक में प्रस्तुत करते थे। लीगल एडवाइजर का कर्मचारी भी मिला हुआ था। वह लोन का चेक देने रजिस्ट्री कार्यालय जाने के बजाय आरोपियों को सीधे दे देता था। आरोपी लोन की किस्त भी जमा कर रहे थे। उन्होंने एक साल के अंदर 12 लोन पांच करोड़ के कराए थे। जांच में कई और लोन इसी तरह फर्जीवाड़ा करके होने की जानकारी पुलिस को मिली है। आरोपियों से 40 लाख रुपये के ई स्टांप बरामद हुए हैं। फर्जी आधार कार्ड लगाकर सिम भी खरीदते थे। अब तक 40 से अधिक सिम भी ले चुके थे।
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एसटीएफ के मुताबिक, पिछले दिनों आगरा के बिलाल अहमद बैंक में पहुंचे थे। उन्होंने लोन के लिए आवेदन किया। इस पर कर्मचारी ने उनका आधार कार्ड लगाया। तब पता चला कि उनके नाम पर पहले से ही 63.75 लाख का लोन चल रहा था। बिलाल अहमद ने किसी तरह का लोन कभी लेने से इनकार कर दिया। इस पर मामला एसटीएफ के पास पहुंचा।

आर्यन बैंक में लोन आवेदन में फौज की वर्दी पहने व्यक्ति की फोटो लगाता था। इसकी वजह थी कि बैंक आसानी से भरोसा कर लेता है। इसके साथ ही किस्त जमा नहीं होने पर सैन्य क्षेत्र में घुसना भी आसान नहीं होता है। जिन लोगों की फोटो आधार-पैन कार्ड और फार्म लगाई जाती थी, वो भी कमीशन पर आते थे। बैंक में भी उन्हें ही बुलाया जाता था।
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