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वेश्यावृत्ति या फिरौती के लिए अपहरण: नए कानून में अपराधी पर लगेगी ये धारा, जानें कितनी सजा का है प्रावधान

Sat, 09 May 2026 10:19 AM IST
Dhirendra Singh दुर्गेश चाहर, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
दुर्गेश चाहर, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 09 May 2026 10:19 AM IST
सार

भारतीय न्याय संहिता की धारा-111 के तहत संगठित अपराध करने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। अपहरण, डकैती, साइबर और आर्थिक अपराध जैसे मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद, भारी जुर्माना और अवैध संपत्ति जब्त करने का प्रावधान किया गया है।
 

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BNS Section 111 Targets Organised Crime Provides Life Imprisonment and Property Seizure
court new - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संगठित अपराध को रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नई धारा-111 जोड़ी गई है। यदि कोई व्यक्ति अकेले या संयुक्त रूप से कार्य करते हुए विधि विरुद्ध अपहरण, डकैती, चोरी, भूमि हथियाना, हत्या करना, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, व्यक्तियों, औषधियों, हथियारों या अवैध माल या सेवाओं का गलत व्यापार, वेश्यावृत्ति या फिरौती के लिए अपहरण करता है तो वह संगठित अपराध होगा। संगठित आर्थिक अपराध में कूटरचना, करेंसी नोट, बैंक नोट और सरकारी स्टाम्पों में छेड़छाड़ कर लाभ कमाना है। इस धारा के आरोप साबित होने पर अवैध रूप से कमाई संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
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ये हो सकती है सजा
- यदि कोई संगठित अपराध करने वाले व्यक्ति को आश्रय देता है या छिपाता है तो तीन साल से आजीवन कारावास की सजा, परंतु यह उपधारा उस दशा में लागू नहीं होगी, जिसमें आश्रय या छिपाना अपराधी के पति या पत्नी द्वारा किया जाता है।
- संगठित अपराध के माध्यम से अर्जित की गई किसी संपत्ति पर कब्जा करने पर तीन साल से आजीवन कारावास की सजा और 2 लाख रुपये जुर्माना।
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- चल या अचल संपत्ति पर कब्जा, जिसका वह समाधानप्रद लेखा नहीं दे सकता है। तीन साल से 10 साल कारावास, जुर्माना 1 लाख रुपये से कम का नहीं।
- संगठित अपराध जिसके फलस्वरूप किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो सजा आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है।
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- किसी संगठित अपराध का दुष्प्रेरण, प्रयास, षड्यंत्र करने पर पांच वर्ष से आजीवन कारावास और पांच लाख रुपये जुर्माना।
- संगठित अपराध सिंडीकेट का सदस्य होने पर पांच साल से आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। पांच लाख रुपये जुर्माना लग सकता है।
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